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Vote for Funds: भतीजे अजित पर भड़के शरद पवार, बोले- वित्तीय आश्वासनों के आधार पर वोट मांगना गलत

Thu, 27 Nov 2025 12:39 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के अध्यक्ष अजित पवार ने पिछले हफ्ते बारामती के मालेगांव में मतदाताओं से कहा था कि अगर वे उनकी पार्टी के उम्मीदवारों को चुनते हैं तो वे फंड की कमी नहीं होने देंगे, लेकिन अगर वे उन्हें नकारते हैं तो वह भी नकार देंगे। इसी पर शरद पवार ने निशाना साधा।
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शरद पवार-अजित पवार। - फोटो : ANI
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विस्तार
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महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के ‘वोट दो नहीं तो फंड नहीं’ वाले बयान पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी- शरदचंद्र पवार (राकांपा-एसपी) के प्रमुख शरद परवार ने निशाना साधा है। शरद पवार ने कहा है कि वित्तीय आश्वासनों के आधार पर वोट मांगना बिल्कुल गलत है। पुणे जिले के बारामती में मीडिया से बातचीत के दौरान शरद पवार ने यह भी कहा कि राज्य सरकार की ओर से बारिश और बाढ़ से प्रभावित किसानों को दी गई आर्थिक सहायता नाकाफी है।
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गौरतलब है कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के अध्यक्ष अजित पवार ने पिछले हफ्ते बारामती के मालेगांव में मतदाताओं से कहा था कि अगर वे उनकी पार्टी के उम्मीदवारों को चुनते हैं तो वे फंड की कमी नहीं होने देंगे, लेकिन अगर वे उन्हें नकारते हैं तो वह भी नकार देंगे। बता दें कि महाराष्ट्र में अलग-अलग स्थानीय निकायों के चुनाव 2 दिसंबर को होने वाले हैं।

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उपमुख्यमंत्री के बयान के बाद राज्य कोषागार पर नियंत्रण को लेकर जारी बहस पर प्रतिक्रिया देते हुए शरद पवार ने कहा कि इस समय यह प्रतिस्पर्धा चल रही है कि कितना फंड दिया जाए। उन्होंने कहा, “काम के आधार पर वोट मांगने के बजाय वित्तीय आश्वासनों पर वोट मांगे जा रहे हैं। यह सही नहीं है। अगर चुनाव जीतने का लक्ष्य सिर्फ वित्तीय पहलुओं को सामने रखकर है, तो ऐसी टिप्पणियों की क्या आवश्यकता है।”

हाल ही में राज्य के कुछ हिस्सों में भारी बारिश के कारण हुए नुकसान पर बात करते हुए राकांपा (एसपी) प्रमुख ने कहा कि किसानों को पर्याप्त मदद की आवश्यकता थी। उन्होंने कहा, “राज्य ने किसानों के लिए एक वर्ष तक कर्ज वसूली रोकने का फैसला लिया है। यह कदम किसानों को अस्थायी राहत देगा, लेकिन लंबी अवधि में नहीं। किसानों को हुए नुकसान को देखते हुए राज्य को आंशिक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जानी चाहिए थी, जिससे उन्हें ठीक ढंग से मदद मिल पाती।”

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