उपमुख्यमंत्री के बयान के बाद राज्य कोषागार पर नियंत्रण को लेकर जारी बहस पर प्रतिक्रिया देते हुए शरद पवार ने कहा कि इस समय यह प्रतिस्पर्धा चल रही है कि कितना फंड दिया जाए। उन्होंने कहा, “काम के आधार पर वोट मांगने के बजाय वित्तीय आश्वासनों पर वोट मांगे जा रहे हैं। यह सही नहीं है। अगर चुनाव जीतने का लक्ष्य सिर्फ वित्तीय पहलुओं को सामने रखकर है, तो ऐसी टिप्पणियों की क्या आवश्यकता है।”
हाल ही में राज्य के कुछ हिस्सों में भारी बारिश के कारण हुए नुकसान पर बात करते हुए राकांपा (एसपी) प्रमुख ने कहा कि किसानों को पर्याप्त मदद की आवश्यकता थी। उन्होंने कहा, “राज्य ने किसानों के लिए एक वर्ष तक कर्ज वसूली रोकने का फैसला लिया है। यह कदम किसानों को अस्थायी राहत देगा, लेकिन लंबी अवधि में नहीं। किसानों को हुए नुकसान को देखते हुए राज्य को आंशिक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जानी चाहिए थी, जिससे उन्हें ठीक ढंग से मदद मिल पाती।”
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