गुजरात के दिग्गज नेता शंकर सिंह वाघेला ने गुजरात विधानसभा में नेता विपक्ष पद से अपना इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने इस्तीफा कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को भेज दिया है। इस पर वाघेला ने कहा कि उनके लिए ये फैसला लेना काफी मुश्किल था, लेकिन पार्टी में लगातार निशाना बनाए जाने के बाद उन्हें ये कदम उठाना पड़ा।
बता दें कि वाघेला ने अपने जन्मदिन 21 जुलाई को ये खुलासा किया था कि पार्टी ने उन्हें 24 घंटे पहले ही निकाल दिया था। गुजरात के अहमदाबाद में इस मौके पर अपने समर्थकों के बीच उन्होंने निकाले जाने की बात रखी।
दरअसल, गुजरात विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस में उथल-पुथल शुरू हो गई है और ऐसा माना जा रहा था कि वाघेला इस मैदान में बतौर सीएम उम्मीदवार उतरना चाहते थे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ और वो पार्टी से अलग हो गए।
बता दें कि शंकर सिंह वाघेला की 40 साल की राजनीति में वे देश की दोनों बड़ी पार्टियों से जुड़े रहे हैं। करीब 6 बार लोकसभा चुनाव लड़ चुके वाघेला 1977 में पहली बार सांसद बने थे। इसके बाद 1995 में जब बीजेपी की जीत हुई, जिसमें वाघेला ने अहम रोल निभाया, लेकिन उन्हें सीएम नहीं बनाया गया। इससे नाराज वाघेला ने पार्टी छोड़ने का ऐलान कर दिया और 1996 में अपनी अलग पार्टी राष्ट्रीय जनता पार्टी बनाई। फिलहाल में गुजरात में विपक्ष के नेता हैं।