दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल, एसटीएफ और देवबंद पुलिस के संयुक्त अभियान में गिरफ्तार किया गया संदिग्ध आतंकी शाकिर अंसारी विशेष प्रशिक्षण लेने के लिए पाकिस्तान जाने वाला था। जैश-ए-मोहम्मद की ओर से साजिद को बुलावा आया था। उसके पास पासपोर्ट नहीं होने के कारण शाकिर को यह मौका दिया गया। पाकिस्तान में जैश-ए-मोहम्मद के चीफ अजहर मसूद के भाई तलहा अजहर के उसकी मुलाकात होगी। वहां विशेष प्रशिक्षण के बाद उसकी संगठन में भूमिका तय की जाती।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की पूछताछ में गिरफ्तार आतंकियों ने कई सनसनीखेज खुलासे किए हैं। दिल्ली से ही गिरफ्तार हुए साजिद ही सबसे पहले जैश-ए-मोहम्मद के संपर्क में आया था। सोशल साइट के जरिये वह जैश-ए-मोहम्मद के लिंक से जुड़ा और फिर धीरे-धीरे वह उनके ग्रुप में शामिल हो गया। उसे पाकिस्तान से तलहा अजहर के सचिव ने फोन किया था और बाद में तलहा अजहर से उसकी बात भी कराई थी।
इसके बाद उसे सोशल साइट्स के कई ग्रुप में जुड़ने का निर्देश मिला। इसी दौरान उसने शाकिर को भी उनसे सोशल मीडिया के माध्यम से रूबरू कराया। शाकिर को कंप्यूटर और इंटरनेट की खासा जानकारी होने के कारण वहां आने वाले संदेश को वहीं देखता था। वाट्सअप पर जुड़ने के बाद इन्हें पाकिस्तान से भड़काऊ वीडियो भेजे जाते थे और यह कहा जाता था कि भारत के मुजफ्फरनगर में इस तरह का अत्याचार हो रहा है। वहां से लगातार बदला लेने के निर्देश भी दिए जाते थे। इसके अलावा वहां से लगातार युवाओं को जोड़ने के लिए भी कहा जाता था।