तमिलनाडु की राजनीति में मचे घमासान का जल्द कोई हल निकलता नहीं दिख रहा है। शशिकला और पनीरेसल्वम में से कोई भी पीछे हटने के लिए तैयार नहीं है दोनों खेमे अपनी अपनी दावेदारी पर अड़े हैं, तो राज्यपाल पूरी तरह वेट एंड वाच की स्थिति में हैं।
ऐसे में अब मामला जल्द ही राष्ट्रपति के दरबार में पहुंचने की संभावनाएं बन गई है। हालांकि पूर्व में शशिकला पक्ष के सांसद इस मुद्दे को राष्ट्रपति के सामने रख चुके हैं लेकिन तब कोई खास निष्कर्ष नहीं निकल सका था।
वहीं दोनों ओर से एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोपों का सिलसिला भी शुरू हो गया है। शशिकला ने आंसुओं के साथ मीडिया और जनता के सामने अपना पक्ष रखा तो पनीरसेल्वम ने उन्हें घडियाली आंसु बताते हुए कहा कि वह बंधक बनाए गए सभी विधायकों को मुक्त कर दें।
बता दें कि एक दिन पहले ही शशिकला ने चेन्नई से बाहर के रिजार्ट में रखे गए विधायकों से मुलाकात की थी। बताया जा रहा था कि इस दौरान उन्होंने विधायकों से किसी भी समय शक्ति परीक्षण के लिए तैयार रहने को कहा था।
इस दौरान शशिकला ने विधायकों के समक्ष एक भावुक भाषण देते हुए कहा कि मौत से पहले अम्मा के मुझसे अंतिम शब्द थे कि मैंने इस पार्टी के लिए अपना जीवन दांव पर लगा दिया है और कोई इसे बर्बाद नहीं कर सकता। इसके बाद उनकी आंखों में आंसू आ गए।