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सर्दी से मासूम की मौत, फिर भी विरोध जताने शाहीन बाग लौटी मां 

Tue, 04 Feb 2020 12:27 AM IST
अमित कुमार पीटीआई, नई दिल्ली 
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अपने माता-पिता के साथ मासूम मोहम्मद जहान - फोटो : PTI
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नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ दिल्ली के शाहीन बाग में पिछले कई हफ्तों से प्रदर्शन जारी है। इन्हीं में से एक था चार महीने का मासूम मोहम्मद जहान। छोटे-छोटे गालों पर बना तिरंगा। मां नाजिया के साथ आने वाला यह बच्चा जल्द ही शाहीन बाग में हर आंख का तारा बन चुका था। 

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कभी इसकी गोद में, तो कभी उसकी गोद में। कभी-कभी तो मां को ढूंढना पड़ता था कि उसका लाल कहां पर है। सीएए विरोधी प्रदर्शन के बीच इस मासूम की प्यारी सी मुस्कान सभी के चेहरों पर हंसी ला देती थी। मगर अब यह सिलसिला खत्म हो गया है। 

बीते हफ्ते ठंड लगने से चार महीने का मासूम मोहम्मद जहान चल बसा। भीषण सर्दी में भी मां के साथ खुले में प्रदर्शन की वजह से उसे ठंड लग गई। इस वजह से उसे जुकाम और सीने में जकड़न हो गई। बावजूद इसके मां के हौसले डिगे नहीं हैं। अपनी आंखों के तारे को हमेशा के लिए अलविदा कहने के चंद दिनों के बाद ही मां फिर से शाहीन बाग लौट आई है। कहती है, 'यह लड़ाई मेरे बच्चों के भविष्य के लिए है।'

झुग्गी में रहते हैं मां-बाप 

मोहम्मद जहान के मां-बाप बटला हाउस इलाके में छोटी सी झुग्गी में रहते हैं। घर में दो और बच्चे हैं। एक पांच साल की बेटी और एक साल का बेटा। मूल रूप से यूपी के बरेली के रहने वाले हैं। पिता कढ़ाई का काम करने के अलावा ई-रिक्शा भी चलाता है। मां भी परिवार चलाने के लिए कढ़ाई के काम में हाथ बंटाती है। 

टोपी पर लिखा था, 'आई लव माई इंडिया': 

आरिफ का कहना है कि हमने सब कुछ खो दिया। उन्होंने मोहम्मद जहान की एक तस्वीर दिखाई, जिसमें उसे एक ऊनी कैप पहनाई गई है जिस पर लिखा है, 'आई लव माई इंडिया।'

नींद में ही हमेशा के लिए सो गया मासूम : 

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shaheen bagh caa protest - फोटो : अमर उजाला
अपने मासूम को खोने से दुखी नाजिया ने कहा कि उसके बेटे की 30 जनवरी की रात को प्रदर्शन से लौटने के बाद नींद में ही मौत हो गई। उस दर्दनाक रात का जिक्र करते हुए बताया, 'शाहीन बाग से देर रात एक बजे आई थी। बच्चों को सुलाने के बाद मैं भी सो गई। मगर सुबह देखा तो मोहम्मद जहान कोई हरकत नहीं कर रहा था।' अगले दिन अस्पताल लेकर गए, तो उसे मृत घोषित कर दिया। 

18 दिसंबर से रोज पहुंच रही शाहीन बाग 

नाजिया 18 दिसंबर से रोज शाहीन बाग के प्रदर्शन में जाती थी। इसी दौरान उसे सर्दी लग गई। हालांकि डॉक्टरों ने मृत्यु प्रमाण पत्र पर मौत का कोई खास कारण नहीं लिखा है। नाजिया ने कहा कि वह फिर शाहीन बाग पहुंचेगी, लेकिन इस बार अपने बच्चों के बिना। 

सीएए मजहब के आधार पर बांटने वाला : 

नाजिया का मानना है कि सीएए धर्म के आधार पर बांटता है और इसे मंजूर नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, 'मुझे नहीं पता है कि क्या इसमें राजनीति शामिल है, लेकिन बस इतना जानती हूं कि जो मेरे बच्चों के भविष्य के खिलाफ है, उस पर मैं सवाल करूंगी।'
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