फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गुजरात: नई सरकार का 'शाह मॉडल', एक तिहाई पहली बार बने मंत्री

Mon, 08 Aug 2016 01:46 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
गुजरात
विज्ञापन
गुजरात में नए सीएम विजय रुपानी ने रविवार को नई कैबिनेट के साथ शपथ ली। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में भव्य समारोह के बीच नई रुपानी समेत 25 मंत्रियों को पथ दिलाई गई। आनंदीबेन पटेल के इस्तीफे के बाद विजय रुपानी को सीएम चुना गया, बताया जा रहा है कि वह बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह की पसंद हैं। नई कैबिनेट में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह का प्रभाव साफ तौर पर देखा जा रहा है, इसके अलावा अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के हिसाब से क्षेत्रीय और जातीय समीकरण भी नजर आए। 
विज्ञापन

  
नए मंत्रिमंडल में एक तिहाई पहली बार मंत्री बने हैं, जिनमें एक कैबिनेट मंत्री और सात राज्य मंत्री हैं। सीएम रुपानी को खुद सरकार का 20 महीने से भी कम अनुभव है। इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि इस बार पीएमओ और शाह राज्य सरकार पर आनंदी पटेल के मुकाबले अधिक कंट्रोल रखेंगे। आनंदीबेन पटेल की टीम में मंत्री रहे आठ लोगों को इस बार मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली है। आनंदीबेन पटेल की टीम के बड़े चेहरे रहे सौरभ पटेल, मंगू भाई पटेल और रमनलाल वोरा को रुपानी के मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली है। हालांकि गणपत वासावा औऱ डिप्टी स्पीकर आत्माराम परमार को मंत्री बनाया गया है।

 

 
विज्ञापन

आनंदीबेन के करीबी हुए बाहर

सौरभ पटेल, रमनलाल वोना और वसुबेन त्रिवेदी, मंगूभाई पटेल जैसे दिग्गज नेता आनंदीबेन पटेल के करीबी माने जाते हैं। सभी को इस बार की सरकार से बाहर रखा गया है। पिछली सरकार के तीन कैबिनेट मंत्री और 6 राज्य मंत्रियों को इस बार मंत्रिमंडल से बाहर रखा गया है। सौरभ पटेल आनंदीबेन पटेल सरकार में फाइनेंस, एनर्जी और पेट्रोलियम मंत्री थे। पावर सेक्टर की विकास में उन्होंने अहम भूमिका निभाई। हालांकि सौरभ पटेल को एक हार्डकोर नेता के तौर पर नहीं देखा जाता है लेकिन आनंदीबेन पटेल से उनके करीबी संबंध हैं। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें