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संघ मुख्यालय में भागवत से मिले शाह, अब कर्नाटक जीत पर नजर

Mon, 05 Mar 2018 03:38 AM IST
सुरेंद्र मिश्र, मुंबई
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मोहन भागवत और अमित शाह - फोटो : metrovaartha
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पूर्वोत्तर के त्रिपुरा और नगालैंड में भाजपा के शानदार प्रदर्शन से गदगद पार्टी अध्यक्ष अमित शाह रविवार को आरएसएस मुख्यालय नागपुर पहुंचे। समझा जाता है कि शाह ने भाजपा अध्यक्ष ने संघ प्रमुख मोहन भागवत से मिलकर पूर्वोत्तर में पार्टी की जीत और आगामी कर्नाटक विधानसभा चुनाव पर मंत्रणा की। इस दौरान राज्यसभा चुनाव सहित एक साथ सभी चुनाव कराने को लेकर भी चर्चा की।
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चार घंटे की इस बैठक में किन-किन मुद्दों पर चर्चा हुई, इस बारे में शाह ने पत्रकारों से कुछ भी साझा नहीं किया। मुख्यालय में वह 2.55 बजे दोपहर में पहुंचे थे और शाम करीब 6.40 बजे वहां से निकले। इस दौरान शाह ने संघ नेता भैयाजी जोशी से भी मुलाकात की। इससे पहले भाजपा अध्यक्ष ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से उनके घर पर जाकर मुलाकात की और उनके साथ भोजन किया। यहां के सरकारी गेस्ट हाउस रवि भवन के बाहर कर्नाटक चुनाव को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में शाह ने कहा, ‘आप लिख सकते हैं कि कर्नाटक में भी भाजपा ही जीतेगी।’

सूत्रों का कहना है कि संघ प्रमुख से मुलाकात में अमित शाह ने सबसे पहले त्रिपुरा, मेघालय और नागालैंड की चुनावी नतीजे पर चर्चा की। इन चुनावों में मिली जीत का श्रेय संघ के दो धुरंधरों सुनील देवधर और राम माधव को जाता है जिन्होंने चुनाव की पूरी कमान संभाल रखी थी। समझा जाता है कि ‘एक देश, एक चुनाव’ मुद्दे पर भी उनसे चर्चा हुई जिस पर संघ प्रमुख ने अभी तक हरी झंडी नहीं दी है। इसके अलावा संघ के ट्रेड यूनियन भारतीय मजदूर संघ सहित अन्य संगठनों की नाराजगी पर मोहन भागवत ने केंद्र सरकार और भाजपा को आगाह किया।
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संघ नेताओं को राज्यसभा भेजने पर चर्चा

संघ से जुड़े लोगों का मानना है कि राज्यसभा की रिक्त हुई सीटों पर जिन लोगों को भेजा जाना है, उसमें कुछ संघ के समर्थित लोग भी हो सकते हैं।  संघ रामभाऊ म्हालगी प्रबोधिनी के विनय सहस्रबुद्धे को पहले भाजपा संगठन और फिर राज्यसभा में भेज चुका है। उसी तरह संघ के अन्य संगठन के कुछ लोगों को भी राज्यसभा में भेजने की तैयारी है। 

फिलहाल इसमें मोहन भागवत के नजदीकी भारतीय शिक्षण मंडल के प्रमुख मुकुल कालेटकर के नाम की चर्चा है। मुकुल कालेटकर किसी समय स्वामी विवेकानंद केंद्र से भी जुड़े रहे हैं। हालांकि राज्यसभा के लिए संघ ने अपनी सूची नहीं दी है। माना जा रहा है कि 9 मार्च से 11 मार्च तक होने वाली आरएसएस की प्रतिनिधि सभा के बाद उम्मीदवारों की सूची भाजपा को सौंपी जाएगी।
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