पीएम मोदी की कैशलेस मुहिम अब शौचालय तक पहुंच गई है। सुलभ इंटरनेशनल अपने सभी शौचलयों को कैशलेस बनाएगा। शौचालय को कैशलेस बनाने की सुलभ के मुहिम की शुरूआत भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने की। इस मौके पर शाह ने कहा कि स्वच्छता के कार्यक्रम को यदि जन आंदोलन बनाया गया होता तो आज समस्या नहीं रहती।
पीएम मोदी ने लाल किले से स्वच्छता की बात की और देशभर में स्वच्छता अभियान चलाया गया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता स्वच्छता को बढ़ावा देने के साथ देश में सिर पर मैला ढोने की प्रथा खत्म करना भी है। देशभर में 2502 गांव, 67 जिले और तीन राज्य ऐसे हो गए हैं जहां खुले में शौच और सिर पर मैला ढोने की प्रथा खत्म हो चुकी है।
सुलभ के शौचालयों को कैशलेस बनाने का एलान करते हुए समूह के संस्थापक बिंदेश्वर पाठक ने कहा कि देशभर में फैले सुलभ इंटरनेशनल के शौचालयों में अब डिजिटल लेनदेन की सुविधा शुरू होने जा रही है। करीब 8500 शौचालयों और स्नानघरों में डिजिटल लेनदेन की योजना बनाई गई है। अब इनके प्रयोग के वक्त आसानी से एसबीआई बडी के जरिए भुगतान हो सकेगा।
उधर कैशलेस मुहिम को आगे बढ़ाने की पीएम मोदी की मुहिम का असर सरकार और भाजपा के नेताओं पर बढ़चढ़ कर दिखने लगा है। आलम यह है कि इस मुहिम में आगे दिखने की नेताओं में होड सी लग गई है। बताया जा रहा है कि संसदीय दल की बैठक में पीएम मोदी ने कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह के प्रयासों की तारिफ करते हुए उनकी प्रसंसा क्या कर दी।
तबसे सरकार के सभी मंत्रियों में कैशलेस को प्रोत्साहित करने का होड शुरू हो गया है। इस कवायद में रामविलास पासवान, रविशंकर प्रसाद और प्रकाश जावड़ेकर सरीखे मंत्री बढ़चढ़ कर आगे आ रहे हैं। भाजपा दिल्ली प्रदेश ने तो मुस्लिमों को कैशलेस के गूर सिखाने की मंगलवार को कार्यशाला आयोजित कर दी। जबकि दो दिन पहले दिल्ली के सांसद ने बागपत की एक सभा में विवादास्पद बयान दिया था कि भाजपा को मुस्लिमों का वोट नहीं मिलता।