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Amit Shah: राजनाथ सिंह ने शाह को बताया 'बैकस्टेज हीरो', बोले- उन्हें क्रेडिट की इच्छा नहीं रहती

Wed, 10 Aug 2022 09:41 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भाजपा नेता ने अपने सहयोगी के बारे में कहा, यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि शाह बैकस्टेज हीरो हैं। उन्हें क्रेडिट की कोई इच्छा नहीं है। वह बैकग्राउंड में रहते हैं और सरकार पार्टी के लिए कई बड़े काम करते हैं
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रक्षामंत्री राजनाथ सिंह - फोटो : ट्विटर/रक्षा मंत्री कार्यालय
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विस्तार
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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को गृहमंत्री अमित साह को 'नेपथ्य के नायक' के रूप में वर्णित किया। सिंह ने कहा कि उन्होंने बिना किसी क्रेडिट की इच्छा के काम किया है और जीवन के कड़वे अनुभवों के बावजूद अपने कर्तव्य पर अडिग रहे। 
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विभिन्न मुद्दों पर शाह के भाषणों के संग्रह 'शब्दांश' पुस्तक का विमोचन करते हुए सिंह ने कहा कि शाह, राजनीति और आध्यात्मिकता के दुर्लभ मिश्रण को जोड़ते हैं। सिंह ने कहा कि उनके अध्ययन की सीमा कई लोगों आश्चर्यचकित करेगी। 

भाजपा नेता ने अपने सहयोगी के बारे में कहा, यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि शाह बैकस्टेज हीरो हैं। उन्हें क्रेडिट की कोई इच्छा नहीं है। वह बैकग्राउंड में रहते हैं और सरकार पार्टी के लिए कई बड़े काम करते हैं और फिर भी उन्हें अध्ययन करने का समय मिलता है।  
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शाह को सोहराबुद्दीन शेख फर्जी मुठभेड़ से जुड़े मामले में कई महीने जेल में बिताने पड़े थे, जिसमें उन्हें बाद में अदालत से बरी कर दिया गया था। सिंह ने इस पृष्ठभूमि में कहा, "शाह का जीवन एक प्रयोगशाला रहा है और कड़वी यादों का हिस्सा रहा है। 

रक्षा मंत्री ने कहा, "अमित शाह कम बोलते हैं। पर जब बोलते हैं तो सार्थक बोलते हैं। यह बहुत कम लोगों को पता होगा कि उनके भीतर एक गंभीर अध्येता है, जो शास्तोरं की कसौटी पर नीतियों को कसता है। राजनीति परसेप्शन पर चलती है।" 

वरिष्ठ भाजपा नेता ने कहा, "मैंने इस किताब को सरसरी तौर पर पढ़ा है। 'शब्दांश' में अमित भाई के गृहमंत्री बनने के बाद से लेकर अब तक के 28 चुनिंदा भाषण संकलित हैं। भाषणों के चयन में इतनी विविधिता है कि इसमें सुशासन, सुरक्षा, इतिहास,संस्कृति, परंपरा से लेकर धारा 370 और तीन तलाक के मुद्दे भी आ गए हैं।"

राजनाथ सिंह ने कहा, मैं इस देश का रक्षामंत्री हूं। मुझे इस किताब का यह तथ्य बहुत प्रभावित करता है कि कैसे चाणक्य ने तक्षशिला के लिए सुरक्षा की रणनीति बनाई। तक्षशिला विद्यापीठ चाणक्य के जन्म से पहले का विद्यापीठ था।
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