कोरोना महामारी के चलते बुरे दौर से गुजर रहीं देह व्यापार से जुड़ी महिलाओं के लिए महाराष्ट्र सरकार ने बड़ी राहत दी है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर महाविकास आघाड़ी सरकार ने प्रदेश में देह व्यापार कर जीवनयापन करने वाली महिलाओं को अक्तूबर से दिसंबर महीने तक के लिए हर महीने पांच हजार रुपये की मदद की घोषणा की है। साथ ही, जिन महिलाओं के बच्चे स्कूल जाते हैं उन्हें अतिरिक्त 2500 रुपये की मदद की जाएगी।
महाराष्ट्र सरकार के आंकड़ों के मुताबिक सूबे में करीब 30901 महिलाएं देह व्यापार से जुड़ी हैं। जबकि उनके बच्चों की संख्या 6451 हैं। इसके लिए 51,18,97,500 रुपये मंजूर किए गए है। यह राशि मुख्यमंत्री सहायता निधि के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी। इस संबंध में जारी शासनादेश के अनुसार नेशनल एड्स कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (नेको) संस्था की ओर से चिन्हित महिलाओं को हर महीने पांच हजार रुपये मिलेंगे।
जिन महिलाओं के बच्चे स्कूल जाते हैं ऐसे महिलाओं को अतिरिक्त 2500 रुपये बिना किसी पहचान पत्र के उपलब्ध कराए जाएंगे। इनके लिए अनाज और नकद आर्थिक सहायता जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समिति गठित की गई है। यह समिति महिला व बाल विकास आयुक्त को प्रस्ताव भेजेगी।
सुप्रीम कोर्ट ने एक फौजदारी मामले में 21 सितंबर और 28 अक्टूबर 2020 को यौन व्यापार से जुड़ी महिलाओं को मदद करने का आदेश दिया था। इसके तहत यह फैसला किया गया है। इसका सबसे ज्यादा फायदा मुंबई, पुणे, नागपुर, पालघर, नासिक, लातूर और नांदेड़ में सेक्स व्यवसाय से जुड़ी महिलाओं को मिल सकेगा।
मुंबई शहर में देह व्यापार से जुड़ीं कुल 2687 महिलाओं और 500 बच्चे तथा मुंबई उपनगर में 2305 महिलाएं और 500 बच्चे लाभान्वित होंगे। जबकि पालघर में 1553 महिलाएं, पुणे में 7011 महिलाएं, 1000 बच्चे, नासिक में 1630 महिलाएं, 571 बच्चे, नागपुर में 1616 महिलाएं और 261 बच्चे, लातूर में 1142 महिलाएं और नांदेड में 1063 महिलाएं और 1629 बच्चे लाभान्वित होंगे।