मुंबई की सत्र अदालत ने एक महत्वपूर्ण फैसला देते हुए 32 वर्षीय एक व्यक्ति को बलात्कार और धोखे के मामले से बरी कर दिया है। कोर्ट ने कहा है कि महिला जो कि एक बच्चे की मां है और उसे यह बेहतर तरीके से पता था कि आम सहमति से सेक्स के बाद क्या होगा। बता दें कि महिला ने यह दावा करते हुए 35 वर्षीय व्यक्ति पर इस बात का केस फाइल किया था कि उसने उसके साथ संबंध बनाए और जब वो उसके बच्चे की मां बनने की वाली थी तभी उसने उससे शादी के लिए मना कर दिया। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में यह बात साफ नहीं हो पा रही है कि क्या महिला इस स्थिति में थी कि वो पुरुष से कानूनी रूप से विवाह योग्य थी, क्योंकि उसके पास तलाक के दस्तावेज भी मौजूद नहीं थे।
बता दें कि महिला अपने 9 वर्षीय बेटे के साथ रहती थी और वो जुलाई 2012 में आरोपी से मिली। महिला ने दावा किया कि पुरुष ने उससे शादी करने का वादा किया था जबकि उसे इस बात की जानकारी की थी कि महिला शादीशुदा है और उसका एक बच्चा भी है। महिला का दावा था कि पुरुष ने उससे कहा था कि यदि वो उसका प्रपोजल ठुकरा देगी तो वो आत्महत्या कर लेगा। महिला के मुताबिक दोनों ने अगस्त 2012 में संबंध की शुरुआत की। उसने दावा किया कि पुरुष ने संबंध की शुरुआत होने पर ही महिला को सेक्स करने के लिए जोर दिया और इस बात का विश्वास भी दिलाया कि उसे शादी करने में कोई दिक्कत नहीं है। महिला का दावा है कि जब उसे इस बात की जानकारी हुई की वह गर्भवती है तो उसने शादी करने की बात कही।
लेकिन पुरुष ने इससे इंकार करते हुए महिला को छोड़ दिया। महिला ने यह भी दावा किया कि वो पुरुष के घर गई थी और उसके घर वालों को सब कुछ बताया लेकिन उसने हर बात से इंकार कर दिया और पुरुष की मां ने उसे धमकी भी दी। महिला ने यह भी बताया कि पुरुष ने कहा कि अगर वो उसे 20,000 रुपए दे दे तो वो शादी कर लेगा। महिला द्वारा रुपए दिए जाने के बाद भी पुरुष ने शादी करने से इंकार कर दिया। फिर महिला ने 11 जनवरी 2013 को घाटकोपर पुलिस के पास केस फाइल किया। पुलिस ने पुरुष पर बलात्कार और धोखे का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया।