असम और मणिपुर में रेमल चक्रवात की वजह से भारी बारिश हुई है। इस वजह से ब्रह्मपुत्र, बराक समेत छह नदियों में बाढ़ आ गई है। जिसके कारण क्षेत्र में कई जिलों में खतरा बढ़ गया है। केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) ने बताया कि असम के जोरहाट जिले के नीमाटिंघाट पर ब्रह्मपुत्र नदी 85.25 मीटर पर बह रही है। ब्रह्मपुत्र नदी खतरे के निशान से .29 मीटर ऊपर है। वहीं बराक नदी में भी गंभीर खतरा बना हुआ है।
कई नदियां खतरे के निशान के ऊपर बह रही
सीडब्ल्यूसी के डेटा के मुताबिक मणिपुर के इम्फाल जिले में बराक नदी 30.15 मीटर पर बह रही है, जो कि खतरे के निशान से 3.95 मीटर ऊपर है। इस वजह से आसपास की जगह और यहां रहने वाले लोगों के लिए खतरा काफी बढ़ गया है। असम में भी बराक नदी के उफान पर होने के कारण कई जिले प्रभावित हुए हैं। करीमगंज के बदरपुर घाट पर बरक 18.13 मीटर पर बह रही है, जो कि खतरे के निशान से 1.28 मीटर ऊपर है। वहीं चाछर जिले के अन्नपूर्णा घाट पर यह नदी 21.52 मीटर पर बह रही है, जो कि खतरे के निशान से 1.69 मीटर ऊपर है। चाछर जिले के फुलेरताल में जल स्तर 25.94 मीटर हो गया है, जो कि खतरे के निशान से 2.06 मीटर ज्यादा है। वहीं चाछर के ढोलाई में इस नदी का जलस्तर 24.9 मीटर है जो खतरे के निशान से .32 मीटर ऊपर बता रहा है।
कोपिली नदी भी उफान पर है। कामपुर के नगांव जिले में नदी का जल स्तर 62.08 मीटर है। सीडब्ल्यूसी का कहना है कि कोपिली नदी का जल स्तर 62.08 मीटर है जो कि खतरे के निशान से 1.58 मीटर ऊपर है। हालांकि स्थिति एक जैसी है, लेकिन जल स्तर में बढ़ोत्तर स्थानीय लोगों के लिए चिंता बढ़ा रही है।
बाढ़ से बचने के लिए तुरंत एक्शन लेने की जरूरत
करीमगंज जिले में कुशियारा नदी का जलस्तर 16.5 मीटर है, जो कि खतरे के निशान से 1.56 मीटर ऊपर है। वहीं माटिजुरी में कटखल नदी 22.23 मीटर पर बह रही है, जो कि खतरे के निशान से 1.96 मीटर ऊपर है।
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार नदियों में लगातार जल स्तर बढ़ने के कारण बाढ़ से लोग प्रभावित हैं। ऐसे में खतरे से निपटने के लिए तुरंत समाधान करने की जरूरत है।
2 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित, अब तक 6 की मौत
अधिकारियों के मुताबिक रेमल चक्रवात के कारण असम के 9 जिलों में 2 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हैं। जबकि अब तक 6 लोगों की मौत हो चुकी है।