कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ जिले की थट्टे हक्कालु नदी में तेज बहाव में बह जाने से एक ही परिवार के आठ लोगों की डूबने से मौत हो गई। इनमें सात महिलाएं भी शामिल हैं। वहीं,दो लोग लापता बताए जा रहे हैं। पुलिस सूत्रों ने रविवार को यह जानकारी दी।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने इस घटना पर दुख जताया है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने प्रत्येक मृतक के सबसे नजदीकी परिजन को पांच लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर लिखा कि कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ जिले में एक दुर्घटना में लोगों की जान जाने की दुखद खबर बहुत ही व्यथित करने वाली है। मैं उन लोगों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करती हूं, जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करती हूं।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ जिले में दुर्भाग्यपूर्ण घटना में हुई जान-माल की क्षति से मैं अत्यंत दुखी हूं। दुख की इस घड़ी में पीड़ित परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएं। मैं प्रार्थना करता हूं कि उन्हें इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति और साहस मिले, और लापता व्यक्तियों का सुरक्षित पता चल सके।
पीएम मोदी ने किया मुआवजे का एलान
कर्नाटक के करवार जिले में हुई दुखद घटना के बारे में सुनकर मैं गहरे सदमे में हूं। जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है, उनके प्रति मेरी संवेदनाएं हैं। मैं प्रार्थना करता हूं कि घायल लोग जल्द स्वस्थ हों। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से मृतकों के परिजनों को दो लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता राशि दी जाएगी।
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने दुख जताया
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने 'एक्स' पर पोस्ट में कहा कि वह इस अत्यंत दुखद घटना से दुखी हैं और दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना करते हैं। उन्होंने कहा, मानवीय आधार पर राज्य सरकार इस त्रासदी में मारे गए लोगों के परिवारों को पांच लाख रुपये की सहायता राशि देगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कुछ अन्य लोग अभी भी लापता हैं और उनकी तलाश के लिए सघन अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा, हम सभी भगवान से प्रार्थना करें कि लापता लोग सुरक्षित लौटकर अपने परिवारों से मिलें।
कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार ने भी इस घटना पर शोक व्यक्त किया। राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता आर अशोक ने भी इन मौतों पर संवेदना जताई।
दो लोग अब भी लापता
पुलिस सूत्रों के अनुसार, शिराली गांव के लगभग 14 लोग नदी में मीठे पानी की सीप (मसल्स) इकट्ठा करने के लिए उतरे थे, जो स्थानीय समुदायों की ओर से नदी किनारे किया जाने वाला एक मौसमी काम है। इस दौरान वे पानी के स्तर का सही अंदाजा लगाए बिना नदी के गहरे हिस्से में चले गए। जब पानी का बहाव अचानक तेज हुआ तो एक या दो लोग बहने लगे। इसके बाद कुछ अन्य लोग उन्हें बचाने के लिए नदी में कूद गए, जिससे और अधिक लोग तेज बहाव की चपेट में आ गए। पुलिस सूत्रों ने बताया कि अब तक आठ शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि दो लोग अभी भी लापता हैं।
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मृतकों में कौन-कौन शामिल हैं?
मृतकों की पहचान उमेश मनजुनाथ नाइक (40 वर्षीय), लक्ष्मी महादेव नाइक (42 वर्षीय), लक्ष्मी जतप्पा नाइक (30 वर्षीय), लक्ष्मी अप्पन्ना नाइक (60 वर्षीय), लक्ष्मी शिवराम नाइक (49 वर्षीय), ज्योति मस्तम्मा नाइक (34 वर्षीय), मालती नाइक (38 वर्षीय) और मस्तम्मा नाइक (60 वर्षीय) के रूप में हुई है।
दो लोगों को बचा लिया गया है, जिनमें नागरत्ना और महादेवी शामिल हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बचाव दल, पुलिस टीम और स्थानीय लोग लगातार नदी में सघन खोज अभियान चला रहे हैं। मृतक भटकल तालुक के शिराली गांव के निवासी बताए जा रहे हैं।
बारिश के कारण तेज हुआ नदी का बहाव
सूत्रों के अनुसार यह हादसा उस समय हुआ, जब बारिश के कारण नदी का बहाव तेज हो गया और लोग मसल्स इकट्ठा करते हुए गहरे पानी में चले गए। सूत्रों ने बताया, मीठे पानी की सीप इकट्ठा करना कुछ लोगों के लिए आजीविका का साधन है। इनमें से कई लोग इस काम में अनुभवी थे और पहले भी ऐसा करते रहे थे। अधिकारियों को अभी यह पता लगाना बाकी है कि मृतकों में से कितने लोग तैरना जानते थे और पूरी घटना कैसे हुई।