ठाणे की एक अदालत ने एक व्यक्ति को एक नाबालिग लड़की के यौन उत्पीड़न के मामले में सात वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई है। डिस्ट्रिक्ट जज पी पी जाधव ने कहा आरोपी समीर जावेद नाइक को भादंवि की कई धाराओं और पोक्सो के तहत दोषी पाया गया। उसपर 12000 रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है।
अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि पीड़िता (जिसकी घटना के समय उम्र 16 वर्ष थी) ठाणे के लोकमान्य नगर में अपने परिवार के साथ रहती थी। उसके परिवार और पड़ोसी के छोटी-छोटी बातों पर झगड़े होते रहते थे। उन्होंने बताया कि 16 जनवरी 2014 को पड़ोसी ने आरोपी को बुलाया जिसने पीड़िता से छेड़छाड़ की और उसकी मां के साथ मारपीट भी की।
पीड़िता की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर आरोपी को उसी दिन गिरफ्तार कर लिया गया था। न्यायाधीश ने कहा कि अभियोजन पक्ष ने यह साबित कर दिया कि आरोपी ने पीड़िता और उसकी मां के साथ हाथापाई की। चिकित्सा अधिकारी से पूछताछ नहीं की गई हालांकि पीड़िता ने अदालत में गवाही दी।
न्यायाधीश ने कहा कि जानबूझ कर चोट पहुंचाने के मामले में, पीड़ित को मामूली चोट पहुंचना भी सबूत के तौर पर काफी होता है। उन्होंने कहा कि घटना से पहले ही वर्तक नगर पुलिस थाने में आरोपी के खिलाफ सात मामले दर्ज थे। पिछले सप्ताह दिए आदेश में उन्होंने कहा,‘‘ इससे आरोपी की आपराधिक पृष्ठभूमि का पता चलता है।’’ आरोपी के आचरण और हमले की प्रकृति देखते हुए न्यायाधीश ने आरोपी को भादंवि की धारा 354,323 ,504 और पोक्सो के तहत दोषी ठहराया।