पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने वाली महिलाओं को सैन्य बलों ने भी बराबर का अवसर देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस क्रम में नौसेना ने 2008-09 में शार्ट सर्विस कमीशन के जरिये शिक्षा और नेवल कांस्ट्रक्टर कैडर में भर्ती हुईं सात महिलाओं को स्थायी कमीशन दे दिया है।
नौसेना आने वाले समय में महिलाओं को पी-8आई, डोर्नियर जैसे विमानों में पायलट बनने का भी अवसर देगी। सैन्य बल ने महिलाओं के लिए अपनी आठ शाखाओं में भर्ती के दरवाजे खोले हैं। नौसेना, सेना तथा वायुसेना ने 2007 से महिलाओं को मेडिकल, नर्सिंग के अलावा अन्य ब्रांचों में स्थायी कमीशन देने के संबंध में प्रयास शुरू किया था।
इससे पहले 1992 में नर्सिंग और चिकित्सा को छोड़कर अन्य (एविएशन, लॉजिस्टिक सपोर्ट, लीगल, कम्युनिकेशन, इंजीनियरिंग) शांति प्रिय स्थानों पर महिलाओं को अस्थायी कमीशन दिए जाने का निर्णय हुआ था। इसके लिए पहले कार्यालयी कार्य और शांत प्रिय स्थलों पर तैनाती वाली शाखाओं में महिलाओं के लिए दरवाजे खोले गए।
इसके अच्छे नतीजे आ रहे हैं और उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में तीनों सेनाओं में स्थायी कमीशन पाने वाली महिला सैनिकों की संख्या तेजी से बढ़ेगी। हालांकि शीर्ष स्तर का अब भी मानना है कि महिलाओं को सैन्य बलों में अग्रिम पंक्ति की भूमिका में न लाया जाए।