एनएमसीजी के महानिदेशक राजीव रंजन मिश्रा (फाइल फोटो)
एनएमसीजी के महानिदेशक राजीव रंजन मिश्रा ने बताया कि हमारा प्रयास हर व्यक्ति को गंगा सफाई अभियान से जोड़ना है। जो लोग गंगा के किनारे या उसके आसपास रहते हैं, केवल वही नहीं, अपितु दूर-दराज के लोग भी इस पवित्र मुहिम में अपना योगदान दे सकते हैं। हमारा मकसद है लोगों में गंगा की सफाई के प्रति चेतना जगाना।
इसके लिए गंगा प्रहरी और जिला गंगा कमेटी जैसे कार्यक्रम भी शुरू किए गए हैं। इस अभियान का मुख्य फोकस युवाओं को गंगा स्वच्छता मुहिम से जोड़ना है। अगर युवा गंगा को जान गए और समझ गए तो फिर इस अभियान की सफलता को कोई नहीं रोक सकता। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि गंगा में जो मूर्तियां या दूसरी सामग्री विसर्जित की जाती है, उनका निर्माण पर्यावरण के अनुकूल होना चाहिए।
ये हैं अभियान के सात सहयोगी, जिन्होंने एवरेस्ट फतह की है
बछेंद्री पाल, हेमंत गुप्ता, प्रेमलता, आरएस पॉल, विनिता सोरेण, चेतना साहू, पूनम राणा और स्वर्णलता दलाई
पर्वतारोही बछेंद्री पाल का कहना है कि गंगा हमारे जीवन से लेकर मरण तक जुड़ी हैं। ये सभी काम गंगा के बिना संभव नहीं होते। गांव और गंगा हमारे खून में है। गंगा सफाई के अभियान को एक आंदोलन का रूप देना होगा। इस अभियान में हमारी टीम रीवर-राफ्टिंग करते हुए एक शहर से दूसरे शहर पहुंचेगी। लोगों के साथ रोजाना संवाद होगा, गंगा सफाई के लिए उन्हें जागरूक किया जाएगा। साथ ही उनके सुझाव भी लेंगे।
इस तरह का है कार्यक्रम
पर्वतारोही बछेंद्री पाल और उनकी टीम चार अक्टूबर की शाम को हरिद्वार पहुंचेगी, यह टीम सात अक्तूबर तक वहीं पर रहेगी, आठ अक्तूबर को टीम बिजनौर पहुंचेगी, 11 अक्टूबर को नरोरा व 12 अक्टूबर को फरूखाबाद जाएगी। 14 अक्टूबर को कानपुर में लोगों को जागरूक करेंगे, यहां तीन दिन तक कई तरह के कार्यक्रम आयोजित होंगे। 18 अक्टूबर को इलाहाबाद और उसके बाद 22 अक्टूबर को वाराणसी पहुंचेंगे। 26 अक्टूबर को बक्सर व 28 अक्टूबर को पटना में लोगों को गंगा सफाई मिशन से जोड़ने का काम होगा।