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Manipur: 'लूटे गए हथियार लौटाने के लिए सात दिन का समय काफी', राज्यपाल की अपील का मुख्य सचिव ने किया समर्थन

Sun, 23 Feb 2025 08:32 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंफाल

सार

मणिपुर के मुख्य सचिव पीके सिंह ने भी कहा कि लूटे गए और अवैध रूप से रखे गए हथियारों को स्वेच्छा से सौंपने के लिए दिया गया सात दिन का समय काफी है। उन्होंने कहा कि इसके बाद सुरक्षा बल हथियार बरामद करने के लिए कार्रवाई करेंगे। प्रशासन कई मोर्चों पर काम कर रहा है और शांति और सामान्य स्थिति बनी रहनी चाहिए। 
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मणिपुर में हिंसा। (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : PTI
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विस्तार
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मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू होने के बाद राज्यपाल अजय भल्ला ने लोगों से सात दिन के भीतर लूटे गए और अवैध रूप से रखे हथियार लौटाने की अपील की थी। अब मणिपुर के मुख्य सचिव पीके सिंह ने भी कहा कि लूटे गए और अवैध रूप से रखे गए हथियारों को स्वेच्छा से सौंपने के लिए दिया गया सात दिन का समय काफी है। उन्होंने कहा कि इसके बाद सुरक्षा बल हथियार बरामद करने के लिए कार्रवाई करेंगे।

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एक कार्यक्रम में मुख्य सचिव ने कहा कि सात दिन की अवधि पर्याप्त है। अगर कोई व्यक्ति हथियार छोड़ने का फैसला करता है तो वह एक दिन में ऐसा कर सकता है। उस अवधि के बाद हम जाकर उनसे ऐसे हथियार ले लेंगे। प्रशासन कई मोर्चों पर काम कर रहा है और शांति और सामान्य स्थिति बनी रहनी चाहिए। 

उन्होंने कहा कि हथियार आम लोगों के हाथों में नहीं होने चाहिए। यह खतरनाक है। हथियार उन लोगों के हाथों में होना जो इसका इस्तेमाल करने के लिए अधिकृत नहीं हैं, एक खतरनाक है। लूटे गए हथियार या कोई अन्य हथियार समाज के लिए खतरा पैदा करते हैं। अवैध हथियारों को बरामद करना सबसे पहला और सबसे महत्वपूर्ण कर्तव्य है।
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मुख्य सचिव ने यह भी कहा कि राजमार्गों को खोलना, सामान्य स्थिति लाना और दोनों तरफ विश्वास पैदा करना महत्वपूर्ण है। लोगों को समस्याओं को समझने दें। हर कोई चाहता है कि अशांति खत्म हो। समाज में बहुत उम्मीद है। हर कोई कहता है कि शांति लाने का समय आ गया है।

राज्यपाल ने की थी अपील
मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने 20 फरवरी को हिंसाग्रस्त राज्य के लोगों से सात दिनों के भीतर लूटे गए और अवैध रूप से रखे गए हथियारों को स्वेच्छा से सौंपने का आग्रह किया था। राज्यपाल ने आश्वासन दिया था कि इस अवधि के दौरान हथियार छोड़ने वालों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।

उन्होंने यह भी कहा कि सात दिनों की अवधि समाप्त होने के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस अपील के बाद  सुरक्षाबलों ने राज्य खुफिया एजेंसियों और प्रशासन के साथ मिलकर स्थानीय जोमी और कुकी नेताओं से संपर्क किया। शनिवार को चुराचंदपुर में दो समुदायों से जुड़े लोगों ने बड़ी संख्या में लूटे गए हथियार लौटा दिए। अधिकारियों ने इस कदम की सराहना की और इसे शांति निर्माण प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद राज्य में राष्ट्रपति शासन
एन. बीरेन सिंह के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद पूर्वोत्तर राज्य में अनिश्चितता बनी हुई थी। इसके बाद केंद्र ने 13 फरवरी को राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा दिया था। गृह मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक, मणिपुर विधानसभा को भंग कर दिया गया है, जिसका कार्यकाल 2027 तक है। 

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