परसाखेड़ा इंडस्ट्रियल एरिया में रोड नंबर दो पर मिली नोटों की कतरन बुधवार को शहर की सनसनी बन गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 500-1000 रुपये के नोट बंद करने की घोषणा से जोड़ कर इसे काला धन ठिकाने लगाने का मामला बताया गया।
बीएल एग्रो के पास ग्रोवर मोटर्स के कोल्ड स्टोर के सामने बुधवार दोपहर 10, 20, 50, 100 और कुछ 500 रुपये के नोटों की कतरन पड़ी थी। इस कतरन की तस्वीरों के साथ एक व्हाट्सएप ग्रुप पर बताया गया कि पांच सौ और हजार रुपये के करोड़ों के नोट काट कर जला दिए गए हैं।
खबर पहले एक पोर्टल पर आयी और फिर टीवी चैनल पर चलने लगी। पुलिस ने मौके पर जाकर कतरन कब्जे में ले ली है। अधिकारी कह रहे हैं कि अभी कहना मुश्किल है कि यह कतरन असली नोटों की है या नकली की, इसलिए इसे जांच के लिए आरबीआई को भेजा जा रहा है लेकिन इसमें ज्यादातर छोटे नोटों के बारीक टुकड़े हैं।
बुधवार दोपहर करीब बारह बजे परसाखेड़ा इंडस्ट्रियल एरिया में रोड नंबर दो पर यूपीएसआईडी की जमीन पर नोटों की कतरन जलाने की सूचना मिली। पुलिस इसे अफवाह मान रही थी।
बरेली के इंडस्ट्रियल एरिया में थी 10, 50, 100 और 500 के नोटों की कतरन
- फोटो : amar ujala
जब यह एक टीवी चैनल की खबर बन गई तो एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने सीबीगंज पुलिस को मौके का मुआयना करके नोटों की कतरन को कब्जे में लेने के आदेश दिए। शाम करीब चार बजे पुलिस ने मौके पर पहुंचकर छानबीन की।
परसाखेड़ा चौकी इंचार्ज अरुण कुमार यादव ने बताया कि घटना स्थल के पास ही मजदूर यूकेलिप्टिस के पेड़ काट रहे हैं। उन्होंने पूछताछ करने पर कहा कि ये कतरन करीब 15 दिन पुरानी है। बारीकी से देखने पर यह 10,20, 50, 100 और कुछ 500 रुपये के नोटों की कतरन लग रही है।
एसपी सिटी समीर सौरभ, सीओ द्वितीय स्नेहलता ने भी मौके का मुआयना किया। बीएल एग्रो के एमडी घनश्याम खंडेलवाल भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि इस मामले की बारीकी से जांच होनी चाहिए। एसएसपी ने घटनास्थल पर पहुंचकर जानकारी और कतरन को क ब्जे में लेने के आदेश दिए।
सीबीगंज पुलिस ने नोटों की कतरन को दो बोरी में भरकर थाने में रख लिया है, लेकिन अभी तक कोई मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है। अभी यह ही तय नहीं है कि कतरन असली नोटों की है या नकली की।
पुलिस ने कब्जे में ली कतरन, जांच के लिए भेजे जाएंगेआरबीआई
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 500-1000 के नोट बंद करने के एलान के बाद किसी को ब्लैक मनी ठिकाना ही लगानी थी तो उसे बड़े नोट काटने चाहिए थे। उसने छोटे नोटों को क्यों काट डाला। यह बात किसी की समझ में नहीं आ रही है। चर्चा यह है कि यह नकली नोटों की कतरन हो सकती है।
इसके पीछे आसपास के लोगों का तर्क यह है कि यहां चूरन की फैक्ट्री हैं। इनमें नकली नोटों को चूरन के पैकेट में बच्चों के लिए रखा जाता है।
वहीं एसएसपी जोगेन्द्र कुमार ने बताया कि नोटों की कतरन को कब्जे में लेकर विधि विज्ञान प्रयोगशाला जांच को भेजा जा रहा है। आरबीआई से भी कतरन की जांच कराई जाएगी। असली नोट होने की रिपोर्ट आने के बाद मुकदमा लिखकर इस मामले में कार्रवाई होगी।