शीर्ष उपभोक्ता आयोग ने फ्लाइट में जैन भोजन की बजाए मांसहारी भोजन देने के लिए एक विदेशी एयरलाइंस को जुर्माना के तौर पर एक उपभोक्ता को 20,000 रुपये देने का आदेश दिया है। साथ ही आयोग ने अपने आदेश में कहा कि भविष्य में अगर वह उक्त एयरलाइंस से यात्रा करता है तो उसे इकोनोमी क्लास की टिकट को अपग्रेड कर बिजेनस क्लास में जगह दी जाए।
राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (एनसीडीआरसी) ने जिला फोरम के आदेश को बहाल रखा, जिसमें जिला फोरम ने स्विस इंटरनेशनल एयरलायंस को मुआवजा के तौर पर 10,000 रुपये का भुगतान करने को कहा था। इसके बाद शिकायतकर्ता मुंबई के निवासी अमित राय कुमार जैन ने मुआवजा बढ़ाने के लिए जिला फोरम में रिविजन अर्जी दायर की थी, जिसे जिला फोरम ने खारिज कर दिया था। इसके बाद शिकायतकर्ता ने मुआवजा बढ़ाने के लिए शीर्ष उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया था।
मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस अजित भारिहोक की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने कहा, ‘शिकायतकर्ता एक साल के भीतर उक्त एयरलाइंस में भारत से यूरोप या यूरोप से भारत आने का टिकट इकोनोमी क्लास में बुक करा सकता है और प्रतिवादी (एयरलाइंस) एक फ्लाइट में इकोनोमी क्लास की टिकट को बिजनेस क्लास में अपग्रेड करने के लिए प्रतिबद्ध है।’ साथ ही शीर्ष आयोग ने मुआवजे को 10,000 से बढ़ाकर 20,000 कर दिया। मामला 6 मई 2011 का है तब स्विस एयरलाइंस ज्यूरिख से मुंबई की यात्रा कर रहे अमित राय कुमार जैन को स्पेशल जैन भोजन की जगह मांसहारी भोजन दिया गया।