राष्ट्रीय टास्क फोर्स ने स्पष्ट किया है कि एकल डोज के आधार पर किसी टीके के आपात इस्तेमाल की अनुमति ने नहीं दी जाएगी। पुणे सीरम इंस्टीट्यूट ने अपने आवेदन में 14 नवंबर तक के एकल डोज परीक्षण के आंकड़े साझा किए थे।
जबकि उनका तीसरा और अंतिम परीक्षण नवंबर के आखिरी सप्ताह में शुरू ही हुआ था। इसलिए कंपनी की ओर से और जानकारी देने को कहा गया है। हाल ही में तीन कंपनियों ने टीके के आपात परीक्षण की अनुमति मांगी थी।
केंद्र द्वारा गठित एसईसी समूह ने सीरम इंस्टीट्यूट से यूरोप में हुए परीक्षण के परिणाम भी मांगे
बैठक से जुड़े दस्तावेजों के मुताबिक समूह ने साफ कहा है कि केवल 14 नवंबर तक के सुरक्षा परिणामों के आधार पर देश में आपातकालीन इस्तेमाल के लिए को कोवीशील्ड को अनुमति नहीं दी जा सकती।
नीति आयोग के सदस्य डॉ वीके पॉल का कहना है कि कोरोना के टीके को अनुमति देने से पहले सभी नियमों का पालन कराया जा रहा है। जब भी टीका बाजार में उपलब्ध होगा। यह सभी बिंदुओं, पैमानों और नियमों को पूरा करने के बाद ही वहां तक पहुंचेगा।
सबसे ज्यादा ऑर्डर भी कोविशील्ड को
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और एस्ट्राजेनेका के कोविशील्ड को सबसे ज्यादा ऑर्डर मिल रहे हैं। एयरफिनिटी के आंकड़ों के अनुसार, दुनिया भर से कोविशील्ड कि अब तक 329 करोड़ डोज बुक की जा चुकी हैं।
इसके बाद जॉनसन एंड जॉनसन कंपनी के टीके की 127 करोड़, नोवैक्स की 138 करोड़, फाइजर की 128 करोड़, सनोफी की 123 करोड़, मॉडर्ना कंपनी की 78 करोड़ और रूस की स्पूतनिक-5 की 34 करोड़ डोज की एडवांस बुकिंग हो चुकी हैं।