बाजार में जारी कोहराम का सबसे ज्यादा असर तेल क्षेत्र की कंपनियों पर हुआ। ओएनजीसी के शेयर 16 फीसदी टूट गए जबकि हैवीवेट रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) के शेयरों में 12 फीसदी गिरावट आई, जो 2012 के बाद सबसे ज्यादा है। इस गिरावट से ओएनजीसी के बाजार पूंजीकरण को 1 लाख करोड़ रुपये की चपत लगी जबकि रिलायंस का बाजार पूंजीकरण 1.08 लाख करोड़ रुपये कम होकर 7 लाख करोड़ से नीचे आ गया। इसके अलावा एसबीआई के शेयरों में 6 फीसदी गिरावट जबकि यस बैंक में अप्रत्याशित रूप से 31 फीसदी का उछाल दिखा।
दुनिया के बाजारों का हाल
- यूरोपीय बाजार में 6 फीसदी गिरावट, 2016 के बाद सबसे ज्यादा।
- ब्रिटेन का एफटीएसई 8.8 फीसदी टूटकर 2008 के बाद निचले स्तर पर।
- जापान का निक्केई 5.1 फीसदी टूटकर 14 महीने के निचले स्तर पर।
- शंघाई कंपोजिट और हांगकांग 5 फीसदी तक टूटे।
- अमेरिका के डाउ जोंस में 4 फीसदी की गिरावट।
- पाकिस्तान का बाजार 5 फीसदी से ज्यादा टूटा, कारोबार बंद करना पड़ा।