देश में कोरोना की दूसरी लहर जारी है, इसके खिलाफ सरकारें लगातार जंग लड़ रही हैं। इसी बीच सीनियर वायरोलॉजिस्ट शाहिद जमील ने भारतीय SARS-CoV-2 जीनोम सीक्वेंसिंग कंसोर्टिया के वैज्ञानिक सलाहकार समूह के पद से दिया इस्तीफा दे दिया है। फिलहाल अब तक ये पता नहीं चल पाया है कि उन्होंने इस्तीफा किन कारणों से दिया है।
शाहिद जमील ने कहा था दूसरी लहर की रफ्तार हुई धीमी, लेकिन जुलाई तक
जमील ने कहा था कि संक्रमण के मामले भले ही कम हो गए हों, लेकिन बाद की स्थिति भी आसान नहीं होने वाली। संभवत: यह ज्यादा लंबी चलेगी और जुलाई तक जारी रह सकती है। इसका अर्थ यह हुआ कि मामलों में कमी आने के बावजूद हमें रोजाना बड़ी संख्या में संक्रमण से निपटना होगा।
डॉक्टर शाहिद जमील ने हाल ही में दावा किया था कि कोरोना की दूसरी लहर की गिरावट की गति पहली के मुकाबले बहुत धीमी है। उन्होंने कहा था कि अभी ये नहीं कहा जा सकता कि हम दूसरी लहर के पीक पर पहुंच गए हैं, हालांकि उन्होंने दावा किया कि दूसरी लहर को खत्म होने में काफी वक्त लग सकता है।
वैज्ञानिक के अनुसार, कोविड-19 की दूसरी लहर में मामले पहली लहर की तरह आसानी से कम नहीं होंगे। जमील ने बताया, पहली लहर में हमने देखा कि मामलों में सतत कमी आ रही थी, लेकिन याद रखें कि इस साल हमारे यहां संक्रमित लोगों की संख्या बहुत ज्यादा है।