जेएनयू स्टूडेंट यूनियन के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार को कम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया(CPI) की नेशनल काउंसिल में जगह मिली है। उन्हें 125 सदस्यीय काउंसिल में सदस्य बनाया गया है। वहीं एस सुधाकर रेड्डी को CPI का दोबारा जनरल सेक्रेटरी बनाया गया है।
वरिष्ठ नेता सी दिवाकरन, सत्यन मोकेरी, सीएन चंद्रन और कमला सदानंदन अब नेशनल काउंसिल का हिस्सा नहीं रहे हैं। खुद को नेशनल काउंसिल से हटाये जाने पर दिवाकरन ने कहा कि मेरा कोई गॉडफादर नहीं है और आप बिना किसी सपोर्ट के नेशनल काउंसिल में नहीं बने रह सकते।
पार्टी के स्टेट सेक्रेटरी कनम राजेंन्द्रन ने दिवाकरन और बाकी के सदस्यों को नेशनल काउंसिल से हटाये जाने के कदम को जायज ठहराया है। उन्होंने कहा कि नए सदस्यों का चुनाव सर्वसम्मति से और संविधान के अनुसार किया गया है। पार्टी के नियमों के मुताबिक काउंसिल में 20 फीसदी नये सदस्य होने चाहिए जिन्हें पार्टी के केंद्रीय सचिवालय से चुना जाता है।
रेड्डी ने कहा कि लेफ्ट सेकुलर फ्रंट को बीजेपी से लड़ने के लिए बनाया गया है। मोदी सरकार की आर्थिक नीतियां जनता को लूट रही हैं। मोदी सरकार ने लोकतांत्रिक मूल्यों को खत्म कर दिया है।