महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग जिले में पुलिस ने शिवसेना के विधायक निलेश राणे के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। उन पर आरोप है कि उन्होंने भाजपा समर्थक के घर में बिना अनुमति प्रवेश किया। कुछ दिन पहले विधायक ने आरोप लगाया था कि उनके 'स्टिंग ऑपरशन' के दौरान वहां मतदाताओं को नकदी बांटने के लिए रखे गए बैग मिले थे।
एक पुलिस अधिकारी ने शनिवार को बताया कि भाजपा कार्यकर्ता विजय केनावडेकर की शिकायक पर यह मामला शुक्रवार को मालवान थाने में दर्ज किया गया।
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इस घटना से मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना और भाजपा के बीच तनाव बढ़ गया है। दोनों पार्टियां महायुति गठबंधन का हिस्सा हैं, जिसमें अजित पवार की एनसीपी भी शामिल है।
राज्य भाजपा प्रमुख रवींद्र चव्हाण ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि निलेश राणे के खिलाफ शिकायत किसने दर्ज कराई। निलेश राणे ने कहा कि मामला दर्ज होने से पता चलता है कि लोग कितने घबराए हुए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि प्राथमिकी उनके खिलाफ दर्ज की गई, जबकि पैसे किसी और के घर में पाए गए थे।
वहीं, महाराष्ट्र के मंत्री और भाजपा नेता नितेश राणे ने आज सिंधुदुर्ग में अपने बड़े भाई निलेश राणे का समर्थन किया और सवाल किया कि पुलिस में मामला दर्ज होने के बाद शिवसेना का एक भी नेता उनके साथ क्यों नहीं हुआ। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके भाई को महायुति गठबंधन में अलग करने की साजिश की जा रही है।
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निलेश राणे ने बुधवार शाम को दावा किया कि उन्होंने कंकावली शहर में भाजपा कार्यकर्ता विजय केनावडेकर के घर जाकर 'स्टिंग ऑपरेशन' किया। उन्होंने आरोप लगाया कि वहां मतदाताओं को लुभाने के लिए नकदी भरे बैग रखे गए थे। उन्होंने इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया और स्थानीय थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग की।
केनावडेकर ने गुरुवार को मालवान थाने में शिकायत दर्ज कराई कि निलेश राणे ने उनके घर में जबरन प्रवेश किया। पुलिस अधिकारी ने बताया कि शिकायत के आधार पर विधायक राणे के खिलाफ आपराधिक जबरन प्रवेश का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारी ने कहा कि मामले की आगे जांच जारी है।