सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने सेना के आत्मनिर्भर बनने को अहम जरूरत बताया है। जनरल पांडे ने कहा कि महामारी एक वाटरशेड घटना थी। इस दौरान वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला बाधित हुई। हमने अपनी उत्तरी सीमाओं पर गतिरोध भी देखा। इन दो स्थितियों ने इस तथ्य को पुष्ट किया कि महत्वपूर्ण रक्षा आवश्यकताओं में आत्मनिर्भरता एक रणनीतिक जरूरत है।
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उन्होंने कहा कि हमारे विदेशी भागीदारों के लिए नए अवसर हैं। आत्मनिर्भता केवल खुद को दुनिया से अलग करने के बारे में नहीं है, यह आत्मनिर्भर होने के बारे में भी है। दक्षता, गुणवत्ता और लचीलेपन को बढ़ावा देने वाली नीतियों का पालन करने के बारे में है।
सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने कहा कि यह स्पष्ट रूप से कहा गया है कि विदेशी ओईएम के साथ सहयोग आत्मनिर्भर भारत के लिए स्वभाविक है। रक्षा क्षेत्र में चल रहे सुधार विदेशी ओईएम को भारतीय कंपनियों के साथ साझेदारी करने के अवसर प्रदान करते हैं।
वहीं, कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (CSL) ने गुरुवार को भारतीय नौसेना को पहला स्वदेश निर्मित विमानवाहक पोत (IAC-1) सौंपा।