पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को अब अपनी सरकार को सेना और विपक्ष से खतरा महसूस होने लगा है। इमरान ने शुक्रवार को दावा किया कि विपक्षी पार्टियों के नेता जो खुद को लोकतांत्रिक बताते हैं, उन्होंने उनकी सरकार को गिराने के लिए सेना से मदद मांगी।
‘द एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ अखबार की खबर के अनुसार विपक्षी दलों के नेताओं को लेकर उनका यह बयान यहां एक राजमार्ग उन्नयन और पुनर्वास परियोजना के शिलान्यास समारोह के दौरान आया है।
इमरान खान ने बिना किसी का नाम लिए कहा कि विपक्षी पार्टियों के नेता ख़ुद को लोकतांत्रिक बताते हैं लेकिन वे एक चुनी हुई सरकार का तख्तापलट करने की बात करते हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने खुलेआम सेना से उनकी सरकार का उखाड़ फेंकने के लिए कहा था।
इमरान खान का बयान ऐसे समय पर आया है जब देश में पाकिस्तान के वरिष्ठ पत्रकार हामिद मीर पर पाबंदी का मामला गरमाता जा रहा है। मीर को न्यूज चैनल पर एक लोकप्रिय टॉक शो प्रस्तुत करने से रोक दिया गया क्योंकि उन्होंने इशारों इशारों में आईएसआई और सेना की आलोचना की थी। इसे लेकर इमरान भी घिरते जा रहे हैं।
घिरी इमरान सरकार, हो रही आलोचना
पत्रकार हामिद मीर को कार्यक्रम पेश करने से रोकने को लेकर पाकिस्तान की इमरान खान सरकार और सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा सवालों के घेरे में आ गए हैं। इमरान व बाजवा की निंदा हो रही है। पाक के विपक्षी दल, एमनेस्टी इंटरनेशनल, मानवाधिकर संगठन, फेडरल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट ने मीर पर पाबंदी का विरोध किया है।
मैनेजमेंट ने कहा ऊपर से दबाव है : मीर
उधर, अलजजीरा से बातचीत में मीर ने कहा कि जियो टीवी प्रबंधन ने उन्हें बताया कि वो इस कार्यक्रम की मेजबानी नहीं कर पाएंगे। प्रबंधन का कहना है कि उस पर ऊपर से बहुत दबाव है। हालांकि प्रबंधन ने इसका खुलासा नहीं किया उस पर कौन दबाव डाल रहा है।