एक संसदीय पैनल ने सिफारिश की है कि केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और संगठनों की चयन समितियों और विभागीय पदोन्नति समितियों में एससी और एसटी समुदायों के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाना चाहिए। पैनल ने इन समुदायों के कर्मचारियों के हितों की देखभाल के लिए सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निदेशक मंडल में अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के अधिकारियों की नियुक्ति की भी सिफारिश की है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के कल्याण पर संसदीय समिति की रिपोर्ट संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान बुधवार को लोकसभा और राज्यसभा में पेश की गई। समिति ने तमिलनाडु और महाराष्ट्र राज्य सरकारों सहित विभिन्न केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और संगठनों में एससी/एसटी कर्मचारियों की पदोन्नति के लिए चयन समितियों/विभागीय पदोन्नति समितियों (डीपीसी) में एससी/एसटी के प्रतिनिधियों को शामिल करने की सिफारिश की।
पैनल से की गईं ये सिफारिश
पैनल ने एससी और एसटी उम्मीदवारों को उप-कर्मचारी से लिपिक, लिपिक से अधिकारी (स्केल-I) और अधिकारी संवर्ग में स्केल-I से II और II से III तक पदोन्नति के लिए पूर्व-प्रमोशनल प्रशिक्षण देने की भी सिफारिश की है। पैनल ने एससी और एसटी उम्मीदवारों को उप-कर्मचारी से लिपिक, लिपिक से अधिकारी (स्केल- I) में पदोन्नति के लिए पूर्व-प्रमोशनल प्रशिक्षण देने की भी सिफारिश की है।
रिपोर्ट के मुताबिक इसमें यह भी सिफारिश की गई है कि एससी और एसटी कर्मचारियों से संबंधित मामलों से निपटने के लिए सरकारी निकायों और संगठनों के मुख्य संपर्क अधिकारियों को अनुशासनात्मक समितियों का हिस्सा बनाया जाए।