भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने टीम इंडिया में खिलाड़ियों के चयन के लिए गठित नई टीम का ऐलान किया है। यह फैसला ऐतिहासिक 500वें टेस्ट मैच से एक दिन पहले लिया गया। इस चयनकर्ता समिति का चीफ पूर्व विकेटकीपर-बल्लेबाज एमएसके प्रसाद को बनाया गया। बीसीसीआई की 87वीं सलाना आम बैठक में नई चयनकर्ता समिति का ऐलान किया गया।
एमएसके प्रसाद वर्तमान मुख्य चयनकर्ता संदीप पाटिल की जगह लेंगे। भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने पहली बार जोन के आधार पर चयनकर्ताओं के चयन के बजाए इस पद के लिए इच्छुक दावेदारों से आवेदन मांगे थे। एमएसके प्रसाद की 5 सदस्यीय नई टीम में पूर्व क्रिकेटरों देबांग गांधी, सरनदीप सिंह, जतिन परांजपे और गगन खोड़ा को रखा गया है।
सभी चयनकर्ताओं के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के अनुभव की बात करें तो कुल मिलाकर 13 टेस्ट और 31 वनडे में खेलने का अनुभव है। इसी विषय पर अमर उजाला डॉट कॉम ने पाठकों से सवाल किया कि 6 टेस्ट खेलने वाले एमएसके प्रसाद को मुख्य चयनकर्ता बनाने का BCCI का फैसला सही है? पाठकों को तीन विकल्प दिए गए, जिसमें पहला हां ये फैसला सही है। दूसरा विकल्प दिया गया नहीं और तीसरा है कुछ कह नहीं सकते।
पोल में कुल 3,308 पाठकों ने हिस्सा लिया और अपनी प्रतिक्रिया दी। इस पोल में सबसे अधिक 72.52 फीसद यानी 2,399 पाठकों ने दूसरे विकल्प को चुना जिनका मुताबिक एमएसके प्रसाद को चुना जाना गलत है। उनका मानना है कि यह कैसे संभव है कि सिर्फ 6 टैस्ट खेलने वाला खिलाड़ी टीम में योग्य खिलाड़ियों को चुन सकता है। लेकिन, फैसला लेने से पहले बीसीसीआई ने इस पर विचार नहीं किया।
इस बीच पोल में कुछ पाठक ऐसे भी शामिल हुए जिन्होंने पहले विकल्प यानी हां को चुना इसमें उनकी संख्या रही 22.13 फीसद यानी 732 जिनका मानना है कि बीसीसीआई ने प्रसाद का चुनाव सही कियाहै, वही 5.35 फीसद यानी 177 ने कुछ कह नहीं सकते को चुना।