मणिपुर में असम राइफल्स पर हमले और अपहरण कांड के बाद राज्य में सुरक्षा बलों की तरफ से बड़ा अभियान शुरू किया गया है। बता दें कि, इस कड़ी में उखरूल में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। वहीं सीएम खेमचंद ने कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
मणिपुर में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की चुनौतियों के बीच सुरक्षा बलों ने एक साथ दो मोर्चों पर कार्रवाई तेज कर दी है। उखरूल जिले में असम राइफल्स के काफिले पर हुए घातक हमले के बाद बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया गया है, जबकि लीलोन वैफेई अपहरण मामले में राज्य सरकार ने दो आरोपियों की गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बाकी आरोपियों की तलाश तेज करने का निर्देश दिया है।
असम राइफल्स पर हमले के बाद ऑपरेशन शुरू
असम राइफल्स के वारंट अधिकारी बलवंत सिंह और हवलदार सी.एम. सिंह की छह जुलाई को उखरूल पुलिस थाना क्षेत्र के नुंगशोंग खोंग इलाके में घात लगाकर किए गए हमले में मौत हो गई थी। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, संदिग्ध उग्रवादियों ने असम राइफल्स के काफिले को निशाना बनाते हुए गोलीबारी की थी।
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इस हमले के बाद असम राइफल्स, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और मणिपुर पुलिस ने शुक्रवार से उखरूल जिले के नुंगशांग क्षेत्र में संयुक्त अभियान शुरू किया है। सुरक्षा बल आवासीय इलाकों, संवेदनशील मार्गों और आसपास के जंगलों में सघन तलाशी अभियान चला रहे हैं। अभियान का उद्देश्य हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी, संभावित हथियार भंडारों का पता लगाना तथा स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
नागा उग्रवादी संगठन ने हमले में संलिप्तता से किया इनकार
इस बीच, नागा उग्रवादी संगठन एनएससीएन (आईएम) ने हमले में किसी भी प्रकार की संलिप्तता से इनकार किया है। संगठन ने कहा कि वह केंद्र सरकार के साथ युद्धविराम समझौते और शांति प्रक्रिया के प्रति प्रतिबद्ध है तथा किसी भी ऐसी गतिविधि का समर्थन नहीं करता जो वार्ता प्रक्रिया को प्रभावित करे। उधर, मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने लीलोन वैफेई अपहरण मामले में त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिलाते हुए कहा कि पीड़ित परिवारों की ओर से चिन्हित पांच संदिग्धों में से दो को गिरफ्तार कर लिया गया है।
सीएम खेमचंद बोले- दोषियों को नहीं बख्शेंगे
उन्होंने कहा कि बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करना सरकार और कानून-व्यवस्था बनाए रखने वाली एजेंसियों की जिम्मेदारी है और इस दिशा में आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, 13 मई को तीन पादरियों की हत्या के बाद संदिग्ध कुकी उग्रवादियों ने लीलोन वैफेई क्षेत्र से लगभग 18 लोगों को बंधक बना लिया था। इनमें से 12 लोगों को बाद में छोड़ दिया गया, जबकि छह लोगों का अपहरण कर लिया गया था। मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने मैखान गांव का दौरा कर प्रभावित परिवारों से मुलाकात की थी, जहां पीड़ितों ने पांच लोगों की पहचान की थी।