दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले में कल रात शुरू हुई एक मुठभेड़ में हिज्बुल मुजाहिदीन के मुख्य अभियान कमांडर यासिन इटू उर्फ ‘गजनवी’ सहित उसके तीन आतंकियों के मारे जाने से आतंकी संगठन को एक बड़ा झटका लगा है। मुठभेड़ में दो सेनाकर्मियों की भी मौत हो गई।
J&K: One of the 3 terrorists killed in Shopian encounter identified as Hizbul Mujahideen's operational commander Yasin Yatoo
— ANI (@ANI) August 13, 2017
जिले के जैनापोरा इलाके के अवनीरा गांव में आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना तथा सीआरपीएफ के विशेष अभियान समूह ने कल रात घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू किया था।
तलाशी के दौरान आतंकियों ने उनपर गोली चला दी जिसकी जवाबी कार्रवाई में सुरक्षा बलों ने भी गोली चलाई जिससे मुठभेड़ शुरू हो गई। आतंकियों की गोलीबारी में पांच सेना कर्मी घायल हो गए जिनमें से दो की बाद में मौत हो गयी। इससे सुरक्षा बलों ने इलाके की घेराबंदी कर तड़के तक इंतजार किया और आतंकियों पर हमला किया।
पूरी रात रूक रूककर गोलीबारी चलती रही और सुबह अभियान पूरे चरम पर पहुंच गया। वहां घिरे तीनों आतंकियों को मार गिराया गया। उनकी पहचान तकनीकी दक्षता रखने वाले आतंकी इरफान और गजनवी की निजी सुरक्षा में लगे आतंकी उमर के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार मध्य कश्मीर के बडगाम जिले का रहने वाले इटू हिज्बुल मुजाहिदीन से लंबे समय से जुड़ा हुआ था और सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में पिछले साल आतंकी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद घाटी में शुरू हुई अशांति को बनाए रखने में संलिप्त था। उसने संगठन में कई युवाओं की भर्ती भी करायी थी।
घटनास्थल से इटू द्वारा इस्तेमाल की गयी एक केके सीरिज रायफल और साथ ही दो एके सीरिज रायफल बरामद किया गया। गोलीबारी में पांच जवान घायल हो गए जिन्हें वहां से निकालकर सेना के 92 बेस अस्पताल में इलाज के लिए भेजा गया।
गंभीर रूप से घायल दो जवानों को बचाया नहीं जा सका और उनकी मौत हो गयी। सेना के एक प्रवक्ता ने शहीद सैनिकों की पहचान तमिलनाडु निवासी सिपाही इलयाराजा पी और महाराष्ट्र निवासी सिपाही गवई सुमेध वामन के रूप में की है।