दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन त्रूदो के भारत दौरे को खालिस्तान के मुद्दे से जोड़ने के लिए भारतीय सुरक्षा एजेंसियों को जिम्मेदार ठहराया है। कमेटी ने जसपाल अटवाल को आतंकी मानने से इनकार कर दिया। साथ ही कनाडा के प्रधानमंत्री को उचित सम्मान न देने पर केंद्र सरकार पर हमला बोला और त्रूदो से माफी मांगी।
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने अटवाल को आतंकी मानने से किया इनकार
कमेटी के अध्यक्ष मनजीत सिंह जीके ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि कुछ सिख विरोधी शक्तियां बंद पड़े खालिस्तान के मुद्दे को इस्तेमाल कर लोगों का ध्यान राष्ट्रवाद पर लाने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने कहा कि अटवाल ने 11 फरवरी, 2016 को फेसबुक पर भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और भारत सरकार के अधिकारिक प्रतिनिधि नलिन कोहली के कनाडा के रेडियो मीडिया ‘वैव्स’ पर चर्चा के लिए अतिथि के तौर पर भाग लेने की पोस्ट डाली थी।
इसके बाद 1 फरवरी, 2017 को अटवाल दिल्ली में थे। वह दिल्ली के गुरुद्वारा रकाबगंज, लाल किला, पांच सितारा होटल तथा दरबार साहिब अमृतसर गए। इसके बाद जुलाई 2017 को अटवाल फिर भारत आए। उसने क्रिकेटर युवराज सिंह के पिता योगराज सिंह के साथ तस्वीर अपलोड की। दिल्ली में वित्त मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और इंडिया गेट गए। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि अटवाल आतंकी था, तो वह भारत कैसे घूमता रहा।