जीआईपीई के बजट में हेराफेरी करने पर सचिव पकड़ा
पुणे के गोखले राजनीति और अर्थशास्त्र संस्थान (जीआईपीई) की संस्था सर्वेंट्स ऑफ इंडिया सोसाइटी (एसआईएस) के सचिव को धोखाधड़ी और बजट की हेराफेरी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। डेक्कन जिमखाना पुलिस स्टेशन के अधिकारी ने बताया कि जीआईपीई के डिप्टी रजिस्ट्रार की शिकायत पर सचिव मिलिंद देशमुख को शनिवार को गिरफ्तार किया गया। शिकायत के मुताबिक धन की हेराफेरी 2022-23 में हुई। जब जीआईपीई के 1.5 करोड़ रुपये के फंड को एसआईएस के लिए जमीन खरीदने में लगा दिया गया।
पिछले दिनों जीआईपीई के चांसलर और ईएसी-पीएम सदस्य संजीव सान्याल को एसआईएस ने संस्थान के गिरते शैक्षणिक मानकों और नैक में बी ग्रेड मिलने पर पद से हटा दिया था और फिर शनिवार को बहाल कर दिया था। सान्याल ने एसआईएस के अध्यक्ष दामोदर साहू को लिखे एक पत्र में कहा था कि जीआईपीई में कई साल वित्तीय अनियमितता हो रही है।
हाइड्रोलिक डंपर से गिरकर मरने वाले ऑपरेटरों के परिजनों को नहीं मिलेगा मुआवजा
ठाणे के मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण ने हाइड्रोलिक ऑपरेटर के परिजनों के मुआवजे के दावे को खारिज कर दिया। गोविंद बंदगर सात मई 2005 को हाइड्रोलिक डंपर की जांच कर रहे थे। तभी डंपर उन पर गिर गया था जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। पांच साल बाद 31 मई 2010 को उनकी मृत्यु हो गई। इसके बाद उनकी पत्नी महानंदा और तीन बेटों ने मुआवजे की मांग की।
आदेश में एमएसीटी के सदस्य एसएन शाह ने कहा कि हाइड्रोलिक डंपर दुर्घटना तब हुई, जब बंदगर इसे चला रहे थे और कोई अन्य वाहन इसमें शामिल नहीं था। यदि लापरवाही मृतक की खुद की है, तो उसके कानूनी प्रतिनिधि उसकी अपनी गलती के लिए धारा 166 के तहत मुआवजे का दावा नहीं कर सकते। यदि यह साबित नहीं होता कि दुर्घटना किसकी लापरवाही के कारण हुई, तो याचिका शुरू से ही विफल हो जाती है। एमएसीटी ने बंदगर के परिजनों के मुआवजे के दावे को खारिज करते हुए कहा कि रिकॉर्ड पर मौजूद तथ्यों और प्रथम दृष्टया यह दिखाने के लिए कोई आधार या कारण नहीं दिया गया है कि यह याचिका धारा 166 के तहत विचारणीय है।
अस्वस्थ होने के कारण वक्फ संशोधन विधेयक पर मतदान के दौरान अनुपस्थित रहा: सुरेश म्हात्रे
महाराष्ट्र के भिवंडी से एनसीपी (एसपी) सांसद सुरेश म्हात्रे ने कहा कि वह अस्वस्थ होने के कारण वक्फ संशोधन विधेयक पर मतदान के दौरान अनुपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि मैं सत्र के दौरान अस्पताल में भर्ती था। मुझे उम्मीद नहीं थी कि विधेयक लोकसभा में पेश किया जाएगा। दुर्भाग्य से मैं सत्र से एक दिन पहले बीमार हो गया। म्हात्रे की अनुपस्थिति ऐसे समय में हुई है, जब भिवंडी में विधेयक के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। शनिवार देर रात को भी भिवंडी में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 को अपनी मंजूरी दे दी। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद अब विधेयक कानून बन गया है।
गोंदिया में शादी में खाना खाने से 50 से ज्यादा लोग बीमार
महाराष्ट्र के गोंदिया जिले के एक गांव में शादी में खाना खाने से 50 से अधिक लोग बीमार हो गए। इसमें बच्चे भी शामिल हैं। प्रभावित लोगों का गोरेगांव तहसील के ग्रामीण अस्पताल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और गोंदिया के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। गोरेगांव के ग्रामीण अस्पताल के चिकित्सा अधिकारी डॉ. पीके पटले ने बताया कि शनिवार शाम को ग्रामीण अपने बच्चों के साथ पेट दर्द, उल्टी, दस्त आदि की शिकायत लेकर अस्पताल आए थे। उन्होंने कहा, हमने बच्चों समेत सभी मरीजों का इलाज किया। चार मरीजों को रविवार को छुट्टी दे दी गई, जबकि अन्य निगरानी में हैं और उनकी हालत स्थिर है।