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Report: भारतीयों के दीर्घायु होने का खुला रहस्य, लंबी उम्र देने वाले 11 तरह के आनुवांशिक वैरिएंट मिले

Thu, 02 May 2024 06:09 AM IST
जलज मिश्रा परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली

सार

मेडिकल जर्नल मेडरेक्सिव में प्रकाशित अध्ययन रिपोर्ट के अनुसार, 85 वर्ष या उससे अधिक आयु के 133 व 18-49 वायुवर्ग के 1,155 लोगों के सैंपल की जांच की गई।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : Istock
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विस्तार
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भारतीयों के दीर्घायु होने का रहस्य सामने आ गया है। अलग-अलग आयुवर्ग के लोगों के दो समूहों पर किए गए अध्ययन में वैज्ञानिकों ने 11 तरह के आनुवांशिक वैरिएंट की पहचान की है, जो न सिर्फ लंबी उम्र देते हैं, बल्कि बुजुर्गों के लिए सुरक्षा कवच का काम भी करते हैं। आनुवांशिक वैरिएंट धीमी धड़कन, छोटे कद, सिजोफ्रेनिया, तनाव, विक्षिप्तता, पित्त संबंधी विकार, हार्ट अटैक, रक्त का थक्का जमने जैसी स्वास्थ्य परेशानियों से बचाते हैं।

मेडिकल जर्नल मेडरेक्सिव में प्रकाशित अध्ययन रिपोर्ट के अनुसार, 85 वर्ष या उससे अधिक आयु के 133 व 18-49 वायुवर्ग के 1,155 लोगों के सैंपल की जांच की गई। इसके लिए मैप माई जीनोम इंडिया ने आनुवांशिक जांच का सहारा लिया। दोनों समूहों में 8,768 आनुवांशिक वैरिएंट  मिले, जो  कार्डियोवैस्कुलर,  कैंसर, न्यूरोलॉजिकल, गैस्ट्रो, मेटाबोलिक व ऑटोइम्यून रोगों के कारक बन सकते हैं। इनमें से 6,300 वैरिएंट की आगे जांच की गई तो उन्हें ये 11 स्वरूप मिले जो दीर्घायु देते हैं। इनमें से एक आरएस 2802292 जी-एलील नामक वैरिएंट जापान, जर्मनी व फ्रांस के लोगों में भी मिल चुका है जिनका जीवन शतायु होता है।

लंबी उम्र के लिए आनुवांशिक कारक अहम

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लंबी आयु तय करने में आनुवांशिक कारक अहम भूमिका निभाते हैं। इंसान के जीवित व स्वस्थ रहने में आनुवांशिकी का असर 40 फीसदी तक होता है। साल 2000 से 2019 के बीच देश में प्रति व्यक्ति जीवन प्रत्याशा 62.1 से बढ़कर 70.8 वर्ष तक पहुंची है। केवल 0.4% आबादी ही 85 वर्ष की आयु तक पहुंच रही है। भारत में लंबी आयु वालों की आनुवांशिकी समझना अब भी चुनौती है।

ऐसे लोगों में रोगों का जोखिम कम
अध्ययन में यह सामने आया है कि युवाओं की तुलना में दीर्घायु लोगों में गंभीर बीमारियों के जेनेटिक तत्व कम सक्रिय रहते हैं। केंद्र सरकार के जैव प्रौद्योगिकी विभाग के अनुसार, 2006 से अब तक 10 हजार जीनोम डाटा जमा हुआ है। ब्रिटेन, चीन व अमेरिका के बाद भारत चौथा ऐसा देश है जिसके पास 10 हजार जीनोम डाटा मौजूद है।

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