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कोरोना की दूसरी लहर: देश के आधे से ज्यादा मामले 10 राज्यों में, यहां 12 गुना तक बढ़े सक्रिय मरीज

Sun, 04 Apr 2021 05:28 AM IST
Jeet Kumar परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली।

सार

  • विशेषज्ञों का कहना है कि राजनेता, चुनाव और सरकारें उतनी ही जिम्मेदार हैं, जितना कि एक मास्क न पहनने वाला आम व्यक्ति।
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कोरोना की जांच के लिए नमूने एकत्र करते स्वास्थ्य कर्मी। - फोटो : PTI
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विस्तार
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कोरोना वायरस की दूसरी लहर ने महज 59 दिन में ही सरकारी दावों की पोल खोल दी है। महाराष्ट्र से लेकर दिल्ली और केरल से लेकर तमिलनाडु तक में संक्रमण को हराने के लिए सरकारें श्रेय लेने में जुटी थीं लेकिन संक्रमण ने चंद दिन में ही पहले से और अधिक ताकतवर होकर इन राज्यों की स्थिति ही बदल दी। फिलहाल हालात ये हैं कि जिला स्तर पर समीक्षाएं होने के बाद भी संक्रमण से बचाव नहीं हो पा रहा है।

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आंकड़ों के आधार पर राज्यों की बात करें तो तीन फरवरी से तीन अप्रैल के बीच देश के 10 राज्यों में सबसे गंभीर हालात हैं। आधे से ज्यादा मरीज इन्हीं राज्यों में हैं। यहां तीन से लेकर 12 गुना तक सक्रिय मरीज बढ़े हैं।

ये वही राज्य हैं जो कोरोना का पहला पीक गुजरने के बाद नियंत्रित होती स्थिति को अपनी-अपनी सरकारों के प्रयास बता रहे थे, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि राजनेता, चुनाव और सरकारें उतनी ही जिम्मेदार हैं, जितना कि एक मास्क न पहनने वाला आम व्यक्ति।
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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार महाराष्ट्र में नौ, कर्नाटक में छह, छत्तीसगढ़ में आठ, पंजाब में 12, मध्यप्रदेश में आठ, तमिलनाडु में चार और दिल्ली में 10 गुना सक्रिय मरीज 59 दिन में बढ़े हैं। इनके अलावा गुजरात में चार, यूपी में तीन और हरियाणा में भी 10 गुना अधिक मामले बढ़ चुके हैं।

पिछले दो महीने में कोरोना संक्रमण हुआ बेकाबू
दिल्ली में दुनिया का बेहतर मॉडल होने तक का दावा.. संक्रमण रोकने के लिए दिल्ली सरकार दुनिया का सबसे बेहतर मॉडल अपनी सरकार का बता चुकी है। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कोरोना को रोकने के कार्यों और उनके असर के बारे में अपनी सरकार को श्रेय दिया। जबकि दिल्ली में ही 10 गुना अधिक सक्रिय मरीज बढ़े हैं। मरीजों की निगरानी और अस्पतालों में उपचार पर ध्यान भी कम है।

लापरवाही पड़ रही भारी...डब्ल्यूएचओ के सलाहकार प्रो. रिजो एम जॉन के मुताबिक, नए-नए स्वरूपों की वजह से वायरस तीव्र हुआ है। विधानसभा चुनाव की भी मुख्य वजह हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय, नीति आयोग, एनसीडीसी, आईसीएमआर, सीएसआईआर इसे रोक नहीं सकते। हर दूसरा राजनेता मास्क पहने दिखाई नहीं देता है। ऐसे में हम जनता से कैसे नियमों के पालन की उम्मीद कर सकते हैं?

महाराष्ट्र: परीक्षा बिना पास होंगे 8वीं तक के छात्र
महाराष्ट्र में बढ़ते संक्रमण को देखते हुए पहली से आठवीं कक्षा तक के छात्रों को बिना परीक्षा दिए अगली कक्षा में प्रवेश दिया जाएगा। शिक्षामंत्री वर्षा गायकवाड ने कहा, कक्षा 9वीं और 11वीं के छात्रों के बारे में जल्द फैसला होगा।

इन राज्यों में स्थिति गंभीर
राज्य   3 फरवरी 3 अप्रैल
महाराष्ट्र   42,830 3,91,203
कर्नाटक 5,943 34,238
छत्तीसगढ़ 4,173 31,858
पंजाब 2,122 25,458
मध्यप्रदेश 2,423 19,336
तमिलनाडु 4,517 18,606
दिल्ली 1,217 11,994
गुजरात        3,203 13,559
हरियाणा 1,055 11,022
उत्तर प्रदेश 5,007 14,073

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