नए साल के शुरू होते ही सीएसआर फाउंडेशन देश की महत्वपूर्ण साक्षरता चुनौती से निपटने के लिए एकजुट हो रहे हैं। सरकार की राष्ट्रीय पहल (एनआईपीयूएन भारत मिशन) का समर्थन करने के उद्देश्य से यह सिनर्जी शिखर सम्मेलन 2.0 का आयोजन कर रहा हैं। इसका उद्देश्य देश भर में मूलभूत साक्षरता और संख्यात्मकता की तत्काल आवश्यकता को संबोधित करने के प्रयासों में तालमेल बिठाना है।
इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए DEVI (डिग्निटी एजुकेशन विजन इंटरनेशनल) संस्थान ने सिनर्जी समिट 2.0 का दो दिवसीय शिखर सम्मेलन 11 और 12 जनवरी, 2024 को नई दिल्ली के इंडिया हैबिटेट सेंटर में आयोजित किया। इस शिखर सम्मेलन में सीएसआर पहल के प्रमुख, विचारकों, शिक्षकों और नीति निर्माता एक साथ आए। इस समारोह के पहले दिन पूर्व भारतीय राजदूत और भारतीय राजनयिक सर के.पी. फैबियान मुख्य अतिथि रहे। उनके अलावा, विशेष अतिथियों में आर्मिन मेसिनोविक, बोस्निया और हर्जेगोविना के प्रथम सचिव (मिशन के उप प्रमुख), भारत गणराज्य, माज़ा वियाउ मेंडेलेई, मिशन के अताशे, टोगो के उच्चायोग भी शामिल हैं।
DEVI संस्थान के एक प्रवक्ता ने इसे लेकर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सिनर्जी समिट 2.0 भारत के शैक्षिक परिदृश्य को बदलने की दिशा में सहयोग और सामूहिक कार्रवाई के लिए एक मंच के रूप में कार्य करता है। हमारा लक्ष्य देश के सभी बच्चों के लिए मूलभूत साक्षरता और संख्यात्मकता प्राप्त करने में पर्याप्त प्रगति करना है।
शिखर सम्मेलन में भारत में शिक्षा के भविष्य को नया आकार देने के उद्देश्य से ज्ञानवर्धक चर्चा और नए समाधान पर मंथन किया गया। शिखर सम्मेलन के दूसरे दिन मुख्य अतिथि गणेश रेड्डी, संयुक्त सचिव, यूएन ग्लोबल कॉम्पैक्ट इंडिया और विशिष्ट अतिथि के रूप में मीडिया सॉल्यूशंस के उपाध्यक्ष अशोक शर्मा और भुज, कच्छ की रानी कुमारी आरती जड़ेजा थे। इस दौरान डॉ. सुनीता गांधी की पुस्तक "डिसरप्टिव लर्निंग" का लोकार्पण मीडिया सॉल्यूशंस के उपाध्यक्ष अशोक शर्मा ने किया।
इस दौरान सुनीता गांधी ने कहा कि सिनर्जी सम्मेलन 2.0 महत्वपूर्ण व्यक्तियों, कॉर्पोरेट सीएसआर नेताओं, और ALfA(एक्सेलरेटिंग लर्निंग फॉर ऑल जैसी नवाचारिक शिक्षण पद्धति) के विशेषज्ञों को एक छत के नीचे लाता है। हम साथ मिलकर मौलिक साक्षरता और गणित के ज्ञान को तेजी से प्राप्त करने के प्रति प्रतिबद्ध हैं। भारत को 2026/27 तक 100% साक्षरता का लक्ष्य पूरा करने के प्रयास के लिए हम कटिबद्ध हैं।
गौरतलब है कि नेशनल फाउंडेशन फॉर सीएसआर एक शीर्ष राष्ट्रीय संस्थान है। इसकी स्थापना सतत वृद्धि और विकास की दिशा में प्रभावी योगदान के लिए सरकार और नागरिक समाज संगठन के साथ मिलकर काम करने के लिए कॉर्पोरेट क्षेत्र के लिए एक सक्षम वातावरण बनाने के लिए की गई है।
सेमिनार के लिए रक्षामंत्री ने भी भेजा वीडियो मैसेज
इस सेमिनार के आयोजन पर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह भी खुशी जताई। उन्होंने कहा कि मुझे पालिसी मेकर्स और एजुकेशनिस्ट्स के इस सम्मेलन के बारे में जान कर अपार हर्ष हो रहा है । मुझे पूरा विश्वास है कि इस सम्मेलन में बेसिक लिटरेसी और न्यूमरेसी की इस मुहिम को सुदृढ़ बनाने की दिशा में लिए जा रहे प्रयास आशातीत सफलता प्राप्त करेंगे।