लोकसभा चुनाव शुरू होने में कुछ ही महीने बचे हैं। ऐसे में कांग्रेस पार्टी के पूर्व प्रमुख राहुल गांधी ने मणिपुर से मुंबई तक 6,700 किलोमीटर से ज्यादा की भारत जोड़ो न्याय यात्रा शुरू कर दी है। आज उनकी यात्रा का दूसरा दिन है।
राहुल गांधी ने सोमवार को भारत जोड़ो न्याय यात्रा दूसरे दिन इंफाल के सेकमई से शुरू की। इस दौरान उन्हें बधाई देने के लिए रास्ते पर लोग जमा दिखाई दिए।
कांग्रेस नेता ने वोल्वो बस में यात्रा की शुरुआत की। बाद में गांधी ने कुछ दूरी तक पैदल भी यात्रा की। इस दौरान उन्होंने लोगों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं के बारे में पूछा। यात्रा मार्ग के किनारे कई लोग खड़े थे। उन्होंने राहुल की बस के व्यस्त इलाके से गुजरने पर उनका स्वागत किया।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा, 'भारत जोड़ो न्याय यात्रा का दूसरा दिन सुबह साढ़े सात बजे शुरू हुआ और शिविर स्थल पर सेवा दल द्वारा पारंपरिक ध्वजारोहण किया गया। मणिपुर के पीसीसी अध्यक्ष ने झंडा फहराया।
उन्होंने कहा कि यात्रा सेकमई से कांगपोकपी और फिर मणिपुर के सेनापति होते हुए रात में नागालैंड में रुकेगी।
लोग हमसे पूछ रहे हैं कि...
कांग्रेस महासचिव प्रभारी संचार जयराम रमेश ने कहा, 'लोग हमसे पूछ रहे हैं कि प्रधानमंत्री मोदी मणिपुर क्यों नहीं आए? हर कोई चाहता है कि राहुल गांधी इस मुद्दे को संसद में उठाएं और पीएम मोदी को मणिपुर आने और लोगों से मिलने के लिए कहें।'
उन्होंने कहा, 'आप देख सकते हैं कि यहां कितने लोग जमा हुए हैं। राहुल ने उन लोगों का दर्द सुना, जो स्कूल-कॉलेज नहीं जा पा रहे हैं और जो अब भी राहत शिविरों में रह रहे हैं।'
रमेश ने कहा कि हिंसा प्रभावित राज्य में हर कोई मजबूत सरकार चाहता है। उन्होंने कहा, 'पिछले आठ महीनों से यहां कोई शासन नहीं है। यहां दो मंत्री ऑनलाइन काम कर रहे हैं। वे मणिपुर में भी नहीं आए हैं। हर कोई एक सरकार चाहता है। एक संवेदनशील सरकार और एक मजबूत सरकार। यह भी सवाल है कि आपके पास जनादेश है- आपकी पार्टी यहां और दिल्ली में सत्ता में है। आप खुद को डबल इंजन की सरकार मानते हैं; फिर लोग दर्द में क्यों हैं?'
कल हुई थी यात्रा शुरू
बता दें, रविवार को राहुल गांधी के नेतृत्व में मणिपुर के थौबल से यात्रा की शुरुआत हुई थी। इस दौरान गांधी ने कहा था कि मणिपुर के भाई-बहन, माता-पिता आंखों के सामने मरे और भारत के प्रधानमंत्री आज तक आपके आंसू और आपसे गले मिलने नहीं आए। यह शर्म की बात है।
यात्रा की शुरुआत में राहुल गांधी ने कहा था, 'मैं 2004 से राजनीति में हूं। मैंने भारत के ऐसी जगह का दौरा किया, जहां शासन का पूरा बुनियादी ढांचा ध्वस्त हो गया है। 29 जून को राज्य का दौरा करने के बाद, मणिपुर अब मणिपुर नहीं रहा। यह विभाजित हो गया है। हर जगह नफरत फैली हुई है। लाखों लोगों को नुकसान हुआ है। लोगों ने अपनी आंखों के सामने अपने प्रियजनों को खो दिया है। हम यहां आपकी बात सुनने, आपका दर्द साझा करने आए हैं।'