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SEBI: सेबी ने सुभाष चंद्रा और पुनित गोयनका के खिलाफ आदेश में किया संशोधन; कहा- आठ महीने में पूरी होगी जांच

Mon, 14 Aug 2023 10:48 PM IST
देव कश्यप पीटीआई, नई दिल्ली।

सार

यह रोक जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (ZEEL) और सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया (अब कल्वर मैक्स एंटरटेनमेंट) के विलय से बनने वाली नई कंपनी में अहम पद संभालने पर भी लागू रहेगी। गोयनका को प्रस्तावित कंपनी का प्रबंध निदेशक बनाने का प्रस्ताव रखा गया था।
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सेबी (सांकेतिक तस्वीर)। - फोटो : PTI
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विस्तार
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पूंजी बाजार नियामक सेबी ने जी समूह के सुभाष चंद्रा और पुनीत गोयनका के खिलाफ जारी अपने आदेश में सोमवार को संशोधन करते हुए दोनों को अगले आदेश तक समूह की चार कंपनियों के साथ-साथ ZEEL और सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया की विलय वाली इकाई में निदेशक या शीर्ष प्रबंधकीय पद संभालने से रोक दिया।

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यह रोक जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (ZEEL) और सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया (अब कल्वर मैक्स एंटरटेनमेंट) के विलय से बनने वाली नई कंपनी में अहम पद संभालने पर भी लागू रहेगी। गोयनका को प्रस्तावित कंपनी का प्रबंध निदेशक बनाने का प्रस्ताव रखा गया था। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) की चेयरपर्सन माधवी पुरी बुच ने जी एंटरटेनमेंट के पैसे गैरकानूनी ढंग से दूसरी जगह भेजने के मामले में यह ‘पुष्टि’ आदेश जारी किया। साथ ही उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच समयबद्ध तरीके से की जाएगी जो किसी भी स्थिति में आदेश जारी होने से आठ महीने से अधिक नहीं होगी।

इसके पहले जून में सेबी ने चंद्रा और गोयनका के खिलाफ पारित अपने अंतरिम आदेश में उन्हें किसी भी सूचीबद्ध कंपनी में निदेशक या शीर्ष प्रबंधकीय पद संभालने से रोक दिया था। लेकिन अब उस आदेश को संशोधित करते हुए सेबी ने कहा कि यह रोक जी समूह की चार कंपनियों में निदेशक या शीर्ष प्रबंधकीय पद संभालने पर लागू होगी।
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सेबी के अंतरिम आदेश को प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण (सैट) में चुनौती दी गई थी, लेकिन चंद्रा और गोयनका को कोई राहत नहीं मिल पाई थी। सेबी प्रमुख ने अपने आदेश में कहा कि अगले आदेश तक चंद्रा और गोयनका को जी एंटरटेनमेंट, जी मीडिया कॉरपोरेशन लिमिटेड, जी स्टूडियोज लिमिटेड और जी आकाश न्यूज प्राइवेट लिमिटेड में निदेशक बनने या शीर्ष प्रबंधकीय पद संभालने से रोक दिया गया है। इन चारों कंपनियों के किसी अन्य कंपनी के साथ विलय या अधिग्रहण से बनने वाली किसी नई कंपनी में भी अहम पद संभालने से रोक दिया गया है।

सेबी ने कहा कि विलय के बाद गोयनका को विलय वाली कंपनी का प्रबंध निदेशक नियुक्त किया जाएगा। इसका मतलब यह है कि उन्हें विलय की गई कंपनी के मामलों के प्रबंधन की पर्याप्त शक्तियां सौंपी जाएंगी। बुच ने कहा, ZEEL में उनकी भूमिका ही सवालों के घेरे में है, इसलिए तत्काल मामले में कार्यवाही के अंतिम परिणाम तक यह उचित होगा कि वह ZEEL या उसके किसी कॉर्पोरेट अवतार के प्रबंधन का हिस्सा न हों।

यह मामला सुभाष चंद्रा और गोयनका से संबंधित है, जिन्होंने अपने लाभ के लिए धन निकालने हेतु एक सूचीबद्ध कंपनी के निदेशक या केएमपी के रूप में अपने पद का दुरुपयोग किया था। सेबी ने अंतरिम आदेश में उल्लेख किया है कि उन्होंने सहयोगी संस्थाओं के लाभ के लिए ZEEL और एस्सेल समूह की अन्य सूचीबद्ध कंपनियों की संपत्ति को अलग कर दिया, जिनका स्वामित्व और नियंत्रण उनके पास है। 10 अगस्त को नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) ने ZEEL और कल्वर मैक्स एंटरटेनमेंट के विलय को मंजूरी दे दी थी।

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