मड़ावरा एसडीएम आत्महत्या प्रकरण की गुत्थियां उलझती जा रहीं हैं। मृतक की पत्नी ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में मामले की सीबीआई जांच करवाने और एक करोड़ की आर्थिक मदद व नौकरी देने की मांग की। वहीं, मृतक एसडीएम के भाई ने भी घटना पर संदिग्धता जाहिर करते हुए बताया कि यदि उन्होंने आत्महत्या के बारे में पहले ही सोच लिया था तो वह केंद्रीय मंत्री के कार्यक्रम व फसल नुकसान के सर्वेक्षण में क्यों शामिल हुए। उन्होंने पूरे मामले में जिला प्रशासन की भूमिका और बातों पर संदेह जाहिर किया है।
गौरतलब हो कि मड़ावरा में तैनात उपजिलाधिकारी हेमेंद्र कांडपाल पिछले रविवार केंद्रीय मंत्री के कार्यक्रम में शामिल होकर सूखाग्रस्त गांवों का सर्वे करने पहुंचे। इसके बाद सरकारी आवास पर उनका शव मिला। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि एसडीएम ने अपने होमगार्ड की सर्विस रायफल से खुद को गोलीमारकर आत्महत्या कर ली है। वहीं, परिजन इस घटना को संदिग्ध मान रहे हैं। मृतक एसडीएम की पत्नी पिंकी कांडपाल ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर मामले की सीबीआई या एसआईटी से जांच करवाने की मांग की है।
पिंकी ने पत्र में मुख्यमंत्री को बताया कि मड़ावरा में एसडीएम के पद पर तैनात हेमेंद्र कांडपाल 30 सितंबर को केंद्रीय मंत्री उमा भारती के कार्यक्रम में शामिल होने के बाद सूखाग्रस्त क्षेत्र का मुआयना करने गए थे। इसके बाद सरकारी आवास पर भोजन करने चले गए। इसके बाद परिजनों को बताया गया कि एसडीएम ने सरकारी आवास पर होमगार्ड की रायफल से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली है। घटनास्थल की स्थितियां स्पष्ट करती हैं कि एसडीएम की मृत्यु संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है। इसका कारण भोजन मेज पर रखा होना और जिस कमरे में शव मिला उसका दरवाजा खुला होना है। साथ ही उन्होंने बताया कि एक अक्तूबर को जब परिजन ललितपुर पहुंचे तो अधिकारियों की बातों में भी विरोधाभाष था।
इस दौरान दो अधिकारियों ने घटना के संबंध में अलग-अलग बातें बताईं, जो परस्पर सामंजस्य बैठाने वाली नहीं थीं। वहीं, उन्होंने बताया कि पहले बताया गया कि दरवाजा अंदर से बंद था। उन्होंने आश्चर्य जताते हुए कहा कि खाना खाने बैठे और एक कॉल आते ही बाहर आए और कमरे में पहुंचकर खुद को गोली मार ली। प्रदेश के सर्वोच्च सेवा के एक महत्वपूर्ण पद पर तैनात अधिकारी की संदेहास्पद मृत्यु के प्रकरण में जिला प्रशासन की भूमिका संदिग्ध है। इस कारण मामले की सीबीआई या एसआईटी से जांच करवाना आवश्यक है। उन्होंने प्रशासन की आत्महत्या की कहानी पर अविश्वास प्रकट किया है। इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री से परिवार की आर्थिक मदद के लिए एक करोड़ रुपये व अधिकारी स्तर की नौकरी देने की मांग की।
भाई ने खड़े किए सवाल
मृतक एसडीएम के भाई देवेंद्र कांडपाल ने सवाल खड़े करते हुए बताया कि यदि हेमेंद्र पहले से आत्महत्या करने की प्लानिंग कर रहे थे, तो वह सरकारी काम में क्यों रुचि ले रहे थे। आत्महत्या के लिए सोच रहे एसडीएम विभागीय कार्यों में आखिर रुचि क्यों ले रहे थे। वहीं, घटनास्थल की फोटो देखकर भी मामला संदिग्धता प्रतीत हो रहा है। पुलिस ने बिना बैलेस्टिक परीक्षण किए ही इसे आत्महत्या घोषित कर दिया। वहीं, घटना के फोटो में रायफल और शव का एंगिल व गोली निकलने का एंगिल भी संदिग्ध है। उन्होंने पुलिस ने सीन रिक्रियेशन करवाने की मांग की है।
उन्होंने बताया कि हेमेंद्र काफी साहसी व्यक्ति थे और पारिवारिक समस्या जैसा कोई भी आत्महत्या का कारण नहीं है। प्रशासन भी इस मामले में सही जानकारी नहीं दे रहा है और लगातार गुमराह करने वाली बताई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि आत्महत्या की सोचते जाना और फिर भी सूखाग्रस्त गांवों का दौरा करना, खाना लगाने की कहना और दलिया खा लेना घटना को संदिग्ध बना रहा है। उन्होंने बताया कि कमरे का दरवाजा भी उस दौरान खुला हुआ था, जो संदेहास्पद है।