सूर्य की बाहरी परत की सबसे दिलचस्प विशेषताओं में से एक हैं कोरोनल लूप। यह गर्म प्लाज्मा की चाप जैसी, सुंदर संरचनाएं हैं। यह 10 लाख डिग्री से भी ज्यादा तापमान पर चमकती हैं। हालांकि, यह सूर्य के सबसे गहरे रहस्यों के सुराग छिपाते हैं और चुंबकीय ऊर्जा को मुक्त करते हैं।
भारतीय खगोल भौतिकी संस्थान (आईआईए) के वैज्ञानिकों ने सूर्य के निचले वायुमंडल में छोटे-छोटे प्लाज्मा लूपों की खोज की है। इन प्लाज्मा लूपों के अध्ययन से सूर्य के वायुमंडल में चुंबकीय ऊर्जा विस्फोट और कोरोनाल तापन तंत्र के बारे में नई जानकारी मिली है। आईआईए के संकाय सदस्य व अध्ययन के सह-लेखक तन्मय सामंत ने बताया कि इस सफलता से लघु प्लाज्मा लूपों या छोटे लूपों की चकाचौंध भरी दुनिया का पता चलता है। यह लूप धागे जैसे आर्क आकार हैं। यह 3,000-4,000 किलोमीटर लंबे (लगभग कश्मीर से कन्याकुमारी की दूरी) और 100 किमी से कम चौड़े हैं। अपने छोटे आकार और क्षणभंगुर जीवनकाल के कारण अब तक छिपे हुए थे।
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सूर्य की बाहरी परत की सबसे दिलचस्प विशेषताओं में से एक हैं कोरोनल लूप। यह गर्म प्लाज्मा की चाप जैसी, सुंदर संरचनाएं हैं। यह 10 लाख डिग्री से भी ज्यादा तापमान पर चमकती हैं। हालांकि, यह सूर्य के सबसे गहरे रहस्यों के सुराग छिपाते हैं और चुंबकीय ऊर्जा को मुक्त करते हैं। एस्ट्रोफिजिकल जर्नल में प्रकाशित यह अध्ययन, अन्नू बुरा, तन्मय सामंत, आईआईए के जयंत जोशी तथा नासा, जर्मनी के मैक्स प्लैंक इंस्टीट्यूट फॉर सोलर सिस्टम रिसर्च (एमपीएस) और अमेरिका के बिग बीयर सोलर ऑब्जर्वेटरी (बीबीएसओ) के वैश्विक सहयोगियों के नेतृत्व में एक अंतरराष्ट्रीय टीम की ओर से किया गया था।
सूरज के बारे में बढ़ेगी समझ
सूर्य के निचले वायुमंडल में लघु प्लाज्मा लूपों की खोज पर जोर देते हुए, सामंत ने बताया कि अवलोकन तकनीक में प्रगति और कई उपकरणों से प्राप्त आंकड़ों को मिलाकर, हमने पहली बार सूर्य में अत्यंत सूक्ष्म चुंबकीय लूपों का प्रत्यक्ष अवलोकन किया है। यह लूप, जो पहले अनसुलझे और अज्ञात थे, सौर वायुमंडल के भीतर विशिष्ट तरंगदैर्ध्य और तापमान व्यवस्थाओं में दिखाई देते हैं।
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लूपों के अंदर बढ़ रहा तापमान
जयंत जोशी ने कोरोनाल तापन में घनत्व की भूमिका पर भी जोर दिया। उन्होंने आगे कहा कि हमारे अध्ययन का आश्चर्यजनक पहलू छोटे प्लाज्मा लूपों की खोज है। यह न केवल अत्यधिक स्थानीयकृत और सघन हैं, बल्कि महत्वपूर्ण ताप भी प्रदर्शित करते हैं। यह पारंपरिक मॉडलों को चुनौती देता है।