आरोपी निजी स्कूल के प्रिंसिपल के ड्राइवर के रूप में कार्यरत था। इस मामले में अदालत ने महिला स्कूल प्रिंसिपल को दोषी नहीं पाया और उसे बरी कर दिया। गौरतलब है कि महिला स्कूल प्रिंसिंपल के खिलाफ मामले में कथित लापरवाही का मामला दर्ज किया गया था।
हैदराबाद में छात्रा का यौन शोषण करने के मामले में एक स्कूल बस के ड्राइवर को 20 साल की सजा सुनाई गई है। मंगलवार को वहां की एक फास्ट ट्रैक POCSO अदालत ने एक निजी स्कूल में पढ़ने वाली साढ़े चार साल की छात्रा का यौन उत्पीड़न करने के आरोप में 34 वर्षीय व्यक्ति को यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (POCSO) अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत दोषी ठहराया। दोषी ठहराते हुए अदालत ने उसे 20 साल के सश्रम कारावास और पांच हजार के जुर्माने की सजा सुनाई है।
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आरोपी निजी स्कूल के प्रिंसिपल के ड्राइवर के रूप में कार्यरत था। इस मामले में अदालत ने महिला स्कूल प्रिंसिपल को दोषी नहीं पाया और उसे बरी कर दिया। गौरतलब है कि महिला स्कूल प्रिंसिंपल के खिलाफ मामले में कथित लापरवाही का मामला दर्ज किया गया था।
जानकारी के मुताबिक, 18 अक्टूबर 2022 को बच्ची की मां ने शहर के बंजारा हिल्स पुलिस के पास इसे लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। अपनी शिकायत में बच्ची की मां ने कहा था कि पिछले पांच महीने से स्कूल में पढ़ रही उसकी बेटी ने पैरों में दर्द की बात बताई थी। इसके बाद जब लड़की से पूछताछ की गई तो पता चला कि स्कूल में काम करने वाला एक व्यक्ति उसे परिसर के एक अलग कमरे में ले जाता था। जहां वह तीन महीने से उसका यौन उत्पीड़न कर रहा था। बच्ची से पूरी जानकारी मिलने के बाद आक्रोशित अभिभावक स्कूल पहुंचे। जहां लड़की ने आरोपी की पहचान की।
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बाद में परिजनों की शिकायक के आधार पर मामला दर्ज करते हुए चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस मामले में महिला प्रिसिंपल की लापरवाही के आधार पर पुलिस ने उनके खिलाफ भी केस दर्ज किया था।