कर्नाटक की राजधानी बंगलूरू में पुलिस के साथ मुठभेड़ के बाद एक स्कूली छात्र के अपहरण और हत्या के सिलसिले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने बताया कि गुरुमूर्ति (27) और गोपालकृष्ण (25) के पैरों में गोली लगी। इससे पहले उन्होंने कथित तौर पर गिरफ्तारी के विरोध में बिलवरदहल्ली रोड के पास पुलिस टीम पर धारदार हथियारों से हमला किया। वे भागने की कोशिश कर रहे थे। हमले में पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। आरोपी और घायल पुलिसकर्मियों का अस्पताल में इलाज चल रहा है।
पांच लाख रुपये की फिरौती मांगी थी
प्रारंभिक जांच का हवाला देते हुए एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि आरोपियों ने 13 वर्षीय निश्चय के माता-पिता से कथित तौर पर पांच लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। उसके बाद कथित तौर पर मासूम को पीटा गया और उसका गला काटकर उसे आग लगा दी गई। मामला 30 जुलाई को तब प्रकाश में आया, जब अरेकेरे निवासी निश्चिथ के माता-पिता ने रात 10:30 बजे हुलिमावु पुलिस स्टेशन में अपने बेटे के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई।
बन्नेरघट्टा रोड के पास एक सुनसान इलाके में मिला था शव
पुलिस शिकायत में निजी कॉलेज में प्रोफेसर पिता ने बताया कि उनका बेटा शाम 5 बजे अपनी साइकिल से ट्यूशन के लिए घर से निकला था, लेकिन रात 8 बजे तक वापस नहीं लौटा। जब उन्होंने उसके ट्यूशन टीचर से पूछा तो उन्हें बताया गया कि बेटा शाम 7:30 बजे निकला था। उनके बेटे की साइकिल अरेकेरे के एक पार्क के पास खड़ी मिली। पुलिस की छानबीन में गुरुवार को लड़के का जला हुआ शव शहर के बाहरी इलाके में बन्नेरघट्टा रोड के पास एक सुनसान इलाके में मिला।
एनकाउंटर की पूरी कहानी जानिए
तकनीकी निगरानी और एक गुप्त सूचना के आधार पर दोनों आरोपियों को कग्गलीपुरा रोड के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। कार्रवाई के दौरान एक पुलिसकर्मी ने शुरुआत में हवा में दो राउंड फायरिंग की। जब आरोपी भागने की कोशिश करने लगे तो उन्हें चेतावनी भी दी गई। बाद में जब आरोपियों ने पीएसआई अरविंदकुमार पर हमला किया, तो आत्मरक्षा में उन्होंने दो राउंड गोलियां चलाईं, जिससे गुरुमूर्ति के बाएं और दाएं पैर में गोली लग गई। इसके अलावा जब गोपालकृष्ण ने पीआई कुमारस्वामी बीजी पर खंजर से हमला किया, तो आत्मरक्षा में उन्होंने आरोपी के दाएं पैर में गोली चला दी। दोनों आरोपी ड्राइवर का काम करते हैं। दोनों लड़के के पिता को जानते थे और उन्होंने कथित तौर पर उसके माता-पिता से पैसे ऐंठने के लिए उसका अपहरण किया था।