द्वितीय विश्व युद्ध, एक ऐसा भयानक युद्ध जिसे आज तक इतिहास में कोई भुला नहीं सका है। सितंबर माह में ही इसकी शुरुआत हुई और इसका अंत भी इसी माह में हुआ। साल 1939 से 1945 तक चले इस विश्व स्तरीय युद्ध में करीब 70 देशों की थल, जल और वायु सेनाएं सम्मिलित हुई थीं। इस युद्ध में दुनिया दो भागों में बंट चुकी थी- मित्र राष्ट्र और धुरी राष्ट्र। दोनों गुटों का मकसद एक ही था, एक दूसरे की तबाही। मानव इतिहास के सबसे इस सबसे बड़े युद्ध में दुनियाभर के करीब 10 करोड़ सैनिकों ने भाग लिया था। चलिए आपको दिखाते हैं विश्व युद्ध के समय की ऐसी तस्वीरें, जो आज भी इतिहास के उस समय की याद दिलाती हैं-
इस महायुद्ध में 5-7 करोड़ लोगों की जानें गईं। युद्ध में असैनिक नागरिकों का नरसंहार किया गया। जिसके लिए होलोकॉस्ट और परमाणु हथियारों का भी इस्तेमाल किया गया।
6 सालों तक चले इस युद्ध में लड़ने वाले सानिक ये भी नहीं जानते थे कि उन्हें किस वक्त और कितना आराम मिल पाएगा। इसलिए जब भी उन्हें समय मिलता वह आराम कर लेते। यह तस्वीर भी द्वितीय विश्व युद्ध में हिस्सा लेने वाले सैनिकों की है। जिन्हें मुश्किल से इस भयानक युद्ध में सुबह का नाशता करने का वक्त मिला।
द्वितीय विश्व युद्ध की शुरुआत 1 सितंबर 1939 को हुई थी। यह तस्वीर उन्हीं शुरुआती दिनों की है। जब विभिन्न देशों की सेना ट्रक और जहाज आदि के माध्यम से युद्ध के लिए जा रही थी।
ये तस्वीर विश्व युद्ध की समाप्ति के बाद की है। इस तस्वीर में अपनी जान बचाने में कामियाब हुए ये सैनिक अपनी गर्लफ्रेंड से साथ वक्त बिता रहे हैं।
युद्ध के दौरान देश को भारी नुकासान हुआ। युद्ध के बाद की ये तस्वीर लंदन की है। जिसमें बच्चे बैठकर देख रहे हैं कि किस प्रकार देश को दोबारा से पहले जैसा बनाने के लिए काम किया जा रहा है।
युद्ध के बाद कहीं जश्न मन रहा है तो कहीं मातम। करोड़ों की संख्या में सैनिकों की मौत के बाद के इस नजारे से युद्ध की भयानकता का अहसास होता है।
युद्ध का अंत 2 सितंबर 1945 को हुआ। ये तस्वीर है लंदन की, जहां युद्ध के खत्म होने के जश्न में लाखों की संख्या में लोग एकत्रित हुए थे।
दुनिया में हर जगह केवल और केवल दहशत का माहौल था। ये तस्वीर है यूक्रेन की, जिसमें आप देख सकते हैं युद्ध के खतरनाक मंजर को।
एलसीटी 7074, यह वो आखिरी समुद्री जहाज है जो द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान लैंड हुआ था।
एक सैनिक युद्ध में लड़ लड़के थक गया लेकिन देशों के तानाशाह नहीं थके.. उन्हें तो अपनी जीत से प्यार था।
इटली ने इस युद्ध में 10 जून 1940 को हिस्सा लिया।
अमेरिका इस युद्ध में 8 सितंबर, 1941 को सम्मिलित हुआ। उस समय वहां के राष्ट्रपति फ्रैंकलिन डी रुजवेल्टई थे।
माना जाता है कि द्वितीय विश्वयुद्ध में जर्मनी की पराजय रूस के कारण हुई थी।
अमेरिका ने जापान पर एटम बम का इस्तेमाल 6 जून 1945 को किया। अमेरिका ने जापान के हिरोशिमा और नागासाकी शहरों पर एटम बम गिराया गया।
द्वितीय विश्व युद्ध में मित्रराष्ट्रों के द्वारा पराजित होने वाला अंतिम देश जापान था।