इनकम रिटर्न के लिए सरकार के पैन कार्ड और आधार कार्ड को जोड़ने के फैसले पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने सरकारी योजनाओं के लिए आधार कार्ड को अनिवार्य बनाने को लेकर केंद्र सरकार को फटकार लगाई थी। सुप्रीम कोर्ट ने इस बाबत केंद्र सरकार से पूछा था कि जब हमने सरकारी योजनाओं के लिए आधार कार्ड को वैकल्पिक करने का आदेश दे दिया है तो आप इसके लिए आधार कार्ड को अनिवार्य कैसे बना सकते हैं?
ये भी पढ़ें- आधार को पैन कार्ड से जोड़ने के ये नुकसान नहीं जानते होंगे आप
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने 27 मार्च को सुनवाई के दौरान कहा था कि जनहित स्कीम के लिए आधार कार्ड जरूरी नहीं है। शीर्ष न्यायालय ने कहा कि सरकार अपनी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ देने के लिए आधार को अनिवार्य नहीं बना सकती है। हालांकि, कोर्ट ने कहा कि आधार कार्ड को चुनौती देती पिटीशंस पर तुरंत सुनवाई नहीं हो सकती, क्योंकि इस याचिका पर 7 जजों की एक पीठ गठित की जानी है। जो फिलहाल संभव नहीं है।
ये भी पढ़ें- गाय बचाने को लेकर सख्त हुआ केंद्र, कोर्ट से कहा- हर गाय के पास होगा आधार जैसा एक कार्ड
सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा था कि आधार कार्ड न होने की वजह से किसी भी लाभार्थी को योजना के लाभों से वंचित नहीं रखा जा सकता। सुप्रीम कोर्ट में अटॉर्नी जनरल ने कहा कि हमने बहुत से पैन कार्डों में पाया गया कि इसका उपयोग फंड को शेल कंपनियों में इस्तेमाल किया गया है। इसे रोकने के लिए केवल आधार कार्ड अनिवार्य बनाने का विकल्प है।