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सुप्रीम कोर्ट ने नई भर्तियों में गुर्जरों के एसबीसी आरक्षण पर लगाई रोक

Fri, 03 Feb 2017 11:16 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, जयपुर
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सुप्रीम कोर्ट
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उच्चतम न्यायालय ने गुर्जरों को अलग से विशेष पिछड़ा वर्ग (एसबीसी) के तहत मिल रहे 5 प्रतिशत आरक्षण के लाभ को फिलहाल रोक दिया है, लेकिन बड़ी राहत देते हुए पूर्व में हुई और चल रही भर्तियों में मिले लाभ को यथावत रखा है। 
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उच्चतम न्यायालय ने इस मामले में राजस्थान सरकार की अर्जी को स्वीकार कर लिया है, जिससे राजस्थान सरकार को राहत मिली है। उच्चतम न्यायालय ने कहा है कि जब तक इस मामले की सुनवाई चलेगी, तब नई भर्तियों में एसबीसी आरक्षण के लाभ पर रोक रहेगी।\

राजस्थान उच्च न्यायालय ने एसबीसी में पांच फीसदी आरक्षण देने वाले अधिनियम-2015 और राजस्थान सरकार द्वारा इसके लिए जारी की गई अधिसूचना को रद्द कर दिया था। इस कारण 4000 भर्तियां प्रभावित हो रही थीं। 
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पूर्व में चल रही भर्ती प्रक्रिया पर मिलेगा आरक्षण

राजस्थान सरकार ने उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती देने के लिए उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। मामले के तहत उच्चतम न्यायालय ने राजस्थान सरकार की अर्जी को स्वीकार कर सुनवाई शुरू कर दी है।

उच्चतम न्यायलय ने कहा है कि पूर्व में चल रही भर्ती प्रक्रिया पर आरक्षण के फायदे को लेकर कोई रुकावट नहीं आएगी। नई भर्तियों पर यह लाभ सुनवाई तक नहीं मिलेगा। 

गुर्जर समाज के आंदोलन के बाद राजस्थान सरकार ने गुर्जर, गाड़िया लोहार, रेबारी, बंजारा और गडरिया जातियों को एसबीसी के तहत अलग से 5 प्रतिशत का आरक्षण का लाभ दिया था। इसके लिए विधानसभा में बाकायदा बिल लाया गया था। लेकिन समता आंदोलन की रिट के बाद राजस्थान उच्च न्यायालय ने इस मंजूरी पर रोक लगा दी थी।

अदालत का कहना था कि 50 फीसदी से ज्यादा आरक्षण की व्यवस्था नहीं की जा सकती। इस संबंध में राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। गुर्जर आरक्षण आंदोलन के नेता कर्नल किरोड़ी बैंसला ने उच्चतम अदालत की इस व्यवस्था का स्वागत किया है और राज्य सरकार के प्रति आभार जता है।
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