सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी है जिसमें राज्य सरकार द्वारा आर्थिक आधार पर सवर्णों को आरक्षण देने के फैसले को निरस्त किया गया था।
दरअसल सरकार की ओर से 1 मई को आर्थिक आधार पर पिछड़े सवर्णों को शैक्षिक संस्थानों में 10 फीसदी आरक्षण देने का फैसला लिया गया था, लेकिन हाईकोर्ट ने सरकार के फैसले पर 4 अगस्त को रोक लगा दी।
हाईकोर्ट ने सरकार के फैसले पर रोक लगाते हुए कहा था कि कोटा देना गैर-संवैधानिक होगा। कोर्ट ने कहा कि आर्थिक आधार पर आरक्षण देना इसलिए मान्य नहीं है क्योंकि यह न तो अनुसूचित जाति, अनुसूचित जन-जाति और न ही अन्य पिछड़े वर्ग में आते हैं। साथ ही अगर इन्हें आरक्षण दे दिया गया तो संस्थानों में आरक्षण 50 फीसदी से भी ज्यादा हो जाएगा।