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जनवरी के तीसरे हफ्ते में होगी एससी-एसटी मामले में सुनवाई, सुप्रीम कोर्ट को सौंपी मुद्दों की सूची

Wed, 21 Nov 2018 01:14 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सुप्रीम कोर्ट
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अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (उत्पीड़न) संशोधन कानून, 2018 को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में अगले साल जनवरी के तीसरे हफ्ते में सुनवाई होगी। केंद्र सरकार ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि इस एससी-एसटी संशोधित कानून को चुनौती देने वाली याचिकाओं संबंधित किन-किन मुद्दों पर सुनवाई की जा सकती है। सरकार ने इसकी सूची सुप्रीम कोर्ट को सौंप दी।
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जस्टिस एके सिकरी की अध्यक्षता वाली दो सदस्यीय पीठ ने याचिकाकर्ता पृथ्वीराज चौहान, प्रिया शर्मा सहित अन्य याचिकाकर्ताओं को केंद्र सरकार के इस जवाब पर सुझाव देने के लिए कहा है। इससे पहले याचिकाकर्ताओं की ओर से कहा गया कि सुनवाई कुछ अन्य मुद्दों पर करने की दरकार है। सुप्रीम कोर्ट अब इस मामले पर जनवरी के तीसरे हफ्ते में सुनवाई करेगा।  

मालूम हो कि इन याचिकाओं के जवाब में केंद्र सरकार ने हलफनामा दाखिल करते हुए कहा था कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जाति (उत्पीड़न) संशोधन कानून, 2018 पूरी तरह से जायज है। सरकार का कहना है कि संशोधित कानून को चुनौती देने वाली याचिका विचारयोग्य नहीं है। सरकार को सुप्रीम कोर्ट के आदेश को पलटकर संशोधित कानून बनाने का अधिकार है। 
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सरकार ने संशोधन कानून के संविधान के विपरीत होने से साफ इनकार किया है। सरकार का यह भी कहना है कि इस कानून के तहत दर्ज मामलों में सजा की दर कम है। लेकिन इसका यह कतई मतलब नहीं है कि एससी-एसटी समुदाय के लोगों के साथ उत्पीड़न नहीं हो रहा है या कानून का दुरुपयोग हो रहा है।
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