लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) प्रमुख रामविलास पासवान ने एससी/एसटी एक्ट में बदलाव को रद्द करने के लिए संसद में अध्यादेश लाने की मांग की है। रविवार को केंद्रीय मंत्री पासवान ने दलित उत्पीड़न कानून और आरक्षण के मुद्दों पर चर्चा के लिए भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने दलितों को पदोन्नति में आरक्षण की मांग भी की।
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने एससी/एसटी एक्ट के तहत गिरफ्तारी समेत कुछ प्रावधानों में बदलाव कर दिए थे। इसके बाद 2 अप्रैल को भारत बंद बुलाया गया था। प्रदर्शन के दौरान 10 से ज्यादा राज्यों में हिंसक घटनाएं हुई थीं। इसके बाद केंद्र ने एससी/एसटी एक्ट को लेकर सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर कर दी थी। बैठक के बाद पासवान ने बताया कि उन्होंने बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने के मुद्दे पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि बिहार देश के सबसे गरीब राज्यों में एक है। इस दौरान उनके बेटे सांसद चिराग पासवान भी मौजूद रहे।
पासवान ने शाह से कहा कि केंद्र को अध्यादेश लाकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश को रद्द करना चाहिए और एससी/एसटी एक्ट को उसके वास्तविक स्वरूप में लागू करना चाहिए। साथ ही सरकारी नौकरियों में दलितों को पदोन्नति में आरक्षण देने में रोड़ा बनने वाले प्रावधानों को खत्म करने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाना चाहिए। जरूरत पड़ने पर सरकार को इसके लिए भी अध्यादेश लाना चाहिए। पासवान के मुताबिक, दलितों से जुड़े तमाम मुद्दों पर शाह उनसे सहमत थे। शाह ने उन्हें हर मुद्दे पर सकारात्मक विचार करने का आश्वासन दिया है।