यूनिटेक लिमिटेड का प्रबंधन केंद्र सरकार को सौंपने के नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) के आदेश को सुप्रीम कोर्ट ने बेहद परेशान करने वाला बताया है। शीर्ष अदालत इस मसले पर बुधवार को विस्तार से सुनवाई करेगा। चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने मंगलवार को कहा कि ट्रिब्यूनल को पहले हमसे इजाजत लेनी चाहिए थी।
पीठ ने केंद्र सरकार से भी कहा कि ट्रिब्यूनल के पास जाने से पहले उसे सुप्रीम कोर्ट से इजाजत लेनी चाहिए थी। पीठ यूनिटेक की याचिका पर सुनवाई कर रही है। याचिका में ट्रिब्यूनल के उस आदेश को चुनौती दी गई है जिसमें कंपनी का प्रबंधन कॉरपोरेट मामले के मंत्रालय को सौंपने और 10 निदेशकों को नियुक्त करने का आदेश दिया गया था।
यूनिटेक की ओर से पेश वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने पीठ से कहा कि ट्रिब्यूनल ने जिस तरीके से आदेश पारित किया, उसे लेकर हमें आपत्ति है। आदेश जारी करने से पहले यूनिटेक को नोटिस तक जारी नहीं किया गया। हमें तो आदेश की जानकारी तक नहीं थी। जानकारी मिलने पर हमने ट्रिब्यूनल से बदलाव करने की गुहार की लेकिन उसे नकार दिया गया।
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वहीं केंद्र सरकार की ओर पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि वह बुधवार तक इस मामले में सरकार की ओर से निर्देश लाएंगे। जिसके बाद पीठ ने सुनवाई बुधवार के लिये टाल दी।