सुप्रीम कोर्ट ने इंटरनेट पर आपत्तिजनक कटेंट जैसे चाइल्ड पोर्नोग्राफी और रेप वीडियोस पर रोकथाम के लिए केंद्र सरकार को कड़े निर्देश दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से कहा कि ऐसे ऑनलाइन पोर्ट्ल्स और हॉटलाइन नंबर्स लाए जाए, जिस पर कंटेंट की तत्काल शिकायत की जा सके। इससे उन लोगों के खिलाफ तुरंत गंभीर कदम उठाए जा सकेंगे जो इस तरह के अपराधों को अंजाम देते हैं।
दरअसल, केंद्र की ओर से गठित कमेटी की सिफारिशों पर सुनावाई करते हुए कोर्ट ने अपनी बातें रखी। इस कमेटी में केंद्र के प्रतिनिधि समेत गूगल, माक्रोसॉफ्ट, याहू और फेसबुक से जुड़े कई बड़े तकनीकीज्ञ शामिल हैं, जिन्होंने पहले भी केंद्र को इस संदर्भ में अपनी राय दी थी।
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कमेटी की ओर कई सलाह दी गई हैं, जिनमें कहा गया कि ऑनलाइन सर्च में इस्तेमाल होने वाले ऐसे किवर्ड्स को खोजा जाए और उन्हें ब्लॉक कर ताकि लोग इससे जुड़ा कंटेंट खोज न पाए। कमेटी के मुताबिक अगर आपत्तिजनक कंटेंट ऑनलाइन प्रसारित होता है तो इसकी जानकारी जुटाने के लिए कोई ऐसा तंत्र बनाया जाए जिसकी सीधे रिपोर्टिंग केंद्र को होनी चाहिए।
साथ ही इसमें सीबीआई का हस्तक्षेप होना भी बेहद जरूरी है। अगर टीम को ऐसी कोई जानकारी मिलती है तो तुरंत वह इसकी खबर पुलिस को दे। साथ ही अगर मामले में जांच के लिए सीबीआई की जरूरत है तो इसमें भी देरी न की जाए।