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लिफ्ट लेने वाला लूट ले, तो बीमा कंपनी देगी वाहन मालिक को क्लेम: SC

Sat, 09 Dec 2017 04:57 AM IST
राजीव सिन्हा, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि किसी राहगीर को लिफ्ट देना मानवता का हिस्सा है। अगर लिफ्ट लेने वाला राह में मदद करने के साथ लूटपाट करता है व उसका वाहन छीन लेता है तो इसे किसी भी नियम या कानून के तहत गलत करार नहीं दिया जा सकता। इसलिए  इस आधार पर कोई बीमा कंपनी वाहन मालिक को क्लेम देने से इनकार नहीं कर सकता।
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दरअसल, एक ट्रक ड्राइवर ने सर्द रात में राष्ट्रीय राजमार्ग के निकट खड़े तीन राहगीरों को लिफ्ट दिया था। रास्ते में इन राहगीरों ने ट्रक ड्राइवर से हाथापाई की व उसका हाथ पांव बांध कर खेत में फेंक दिया और ट्रक लेकर भाग खड़े हुए। बीमा कंपनी ने यह दलील देते हुए क्लेम देने से इनकार कर दिया था कि लिफ्ट देना पॉलिशी के विपरीत है। न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की पीठ ने शुक्रवार को नेशनल इंश्योरेंस कंपनी की दलीलों को खारिज करते हुए कहा कि ट्रक ड्राइवर ने तीन लोगों को लिफ्ट दिया था। 

इस तरह के यात्रियों को साथ बैठना पॉलिशी केविपरीत तो हो सकती है लेकिन इतना भी नहीं कि बीमा पॉलिशी को खत्म कर दिया जाए और क्लेम देने से इनकार कर दिया जाए। पीठ ने अपने फैसले में कहा है कि सर्द रात में सड़क पर खड़े तीन लोगों को ट्रक ड्राइवर ने लिफ्ट दिया था। पीठ ने कहा कि लिफ्ट देना मानवता का भाव है। यह ऐसा करना पॉलिशी का ऐसा उल्लंघन नहीं है कि बीमा को ही निरस्त कर दिया जाए। 
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पढ़ें: लिफ्ट के बहाने लूटने वाले तीन धरे

यह सही है कि तीनों राहगीरों ने ट्रक को लूट लिया लेकिन ड्राइवर ने उस मौके इस तरह की कल्पना नहीं की होगी कि राहगीर ट्रक लूट लेंगे। यह कहते हुए पीठ ने बीमा कंपनी को सात लाख अठाइस हजार की बीमा राशि का 75 फीसदी नौ फीसदी ब्याज के साथ ट्रक मालिक को देने के लिए कहा है। साथ ही पीठ ने बीमा कंपनी को ट्रक मालिक को एक लाख रुपये का मुआवजा देने के लिए भी कहा है। 

मामले के मुताबिक, वर्ष 2003 में मंजीत सिंह ने सेकेंड हैंड ट्रक खरीदी थी। उसे ट्रक का बीमा भी करवाया था। 12 दिसंबर , 2004 को ड्राइवर ट्रक को लेकर करनाल के पास राष्ट्रीय राजमार्ग से जा रहा था। इसी दौरान तीन लोगों ने ट्रक रोकने का इशारा किया। तीनों राहगीरों ने ड्राइवर से यमुना नगर तक लिए लिफ्ट देने की गुजारिश की।

राहगीरों का कहना था कि फिलहाल यहां परिवहन का कोई अन्य साधन नहीं है। सर्द रात होने की वजह से ड्राइवर ने तीनों को लिफ्ट दे दिया। कुछ देर बाद एक राहगीर ने शौच के लिए ट्रक रोकने का आग्रह किया। जैसे ही ड्राइवर ने ट्रक रोकी तीनों राहगीरों ने ड्राइवर केसाथ हाथापाई की और उसे हाथ-पैर बांध दिए। बाद में तीनों ट्रक लेकर भाग गए। 
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